♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

सीएम से मिला फेडरेशन…मिला आश्वासन..कर्मचारियों के साथ नहीं होगा अन्याय…वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक के आदेश को वापस…कोरोना काल मे भी कर्मचारी..

छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन सरगुजा संभाग सह प्रभारी राजेन्द्र सिंह ने बताया 4 जून को कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन का प्रतिनिधिमंडल संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने  1 जुलाई 20 एवं 1 जनवरी 21 को स्वीकृत होने वाले वार्षिक वेतन वृद्धि को विलंबित रखे जाने संबंधी वित्त विभाग के आदेश को वापस लेने का ज्ञापन मुख्यमंत्री को दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के नियम 10 के तहत वार्षिक वेतन वृद्धि विलंबित करना एक प्रकार का लघु शास्ति है। वार्षिक वेतन वृद्धि उसी कर्मचारी की रोकी जाती है,जिसका कार्य शासन के सिविल सेवा आचरण विरुद्ध होता है। प्रदेश के कर्मचारी-अधिकारी कोरोना काल में भी बेहतर काम कर रहे हैं, उसी का परिणाम है कि देश के मुख्यमंत्रियों की रैकिंग में छत्तीसगढ़ को दूसरा स्थान मिला है। इसके बावजूद समूचे प्रदेश के कर्मचारी -अधिकारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि कटौती का आदेश वित्त विभाग से जारी होना न केवल हतोत्साहित करने वाला है,अपितु न्यायसंगत भी नहीं है।कर्मचारियों द्वारा स्वेच्छा से मुख्यमंत्री राहत कोष में वेतन जमा कराई गई है।वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक के खिलाफ पूरे कर्मचारियों में आक्रोश है। आदेश के खिलाफ दिनांक 28 मई 2020 को मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन प्रेषित कर आदेश को वापस लेने की मांग की गई है। कर्मचारियों की भावनाओं के अनुरूप इस वेतन वृद्धि आदेश को वापस लिया जाना चाहिए।मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गौर से सुनकर,सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से आगे कहा कि प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी कोरोना वायरस के संक्रमण के रोकथाम तथा संक्रमण के बचाव के लिए जान की परवाह किए बगैर कार्य कर रहे हैं।जिसके कारण सम्पूर्ण भारतवर्ष में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को द्वितीय स्थान मिला है। जो कि एक उपलब्धि है।प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री से राजस्थान सरकार की भांति कर्मचारी अधिकारियों के लिए 50 लाख रुपए अनुग्रह राशि स्वीकृत करने तथा कर्मचारी संघों की मान्यता 1 वर्ष के स्थान पर फर्म सोसायटी द्वारा निर्धारित अवधि तक करने का मांग पत्र पृथक प्रथक सौंपा है। मुख्यमंत्री ने फेडरेशन के ज्ञापन पर सकारात्मक निर्णय लेने हेतु आश्वस्त किया है।फेडरेशन के सचिव राजेश चटर्जी, सतीश मिश्रा कोषाध्यक्ष, प्रवक्ता विजय झा, डॉ लक्ष्मण भारती एवं आरके रिछरिया महामंत्री, बीपी शर्मा एवं संजय सिंह प्रवक्ता, यशवंत वर्मा, पंकज पाण्डेय सहित फेडरेशन के प्रान्त, संभाग एवं जिला समस्त पदधिकारीगणों ने मुख्यमंत्री के आश्वासन अनुसार निर्णय होने का उम्मीद किया है।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

Please Share This News By Pressing Whatsapp Button



स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

जवाब जरूर दे 

[poll]

Related Articles

Back to top button
Don`t copy text!
Close