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हिंडाल्को के “उड़ान” से बच्चों को मिला शिक्षा का पंख ……… चंदवा में 3 मुफ्त कोचिंग सेंटर का संचालन ……सीएसआर के तहत पहली से 5वीं कक्षा के बच्चों को मुफ्त कोचिंग

 

रांची। “मुझे डॉक्टर बनना है। मेरे पापा डॉक्टर नहीं बन पाए थे। अब वो भगवान के पास हैं, और मुझे उनका सपना पूरा करना है। मैं डॉक्टर बनूंगी।“ चौथी कक्षा में पढ़ने वाली सृष्टि शाही की आंखों में इस बात का पूरा आत्मविश्वास झलक रहा था। सृष्टि जिसके पिता जयपाल किशोरनाथ शाही एक आरएमपी (रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिश्नर ) थे। जयपाल की मौत हृदयघात से अगस्त 2021 में हो गई थी।
लातेहार जिला के चंदवा से कोई 15 किलोमीटर दूर चकला गांव में चल रहे इस कोचिंग सेंटर के छोटे से कमरे में पढ़ रहे बच्चों की आंखों में ऐसे ही बड़े- बड़े सपने पल रहे हैं।
इस कोचिंग सेंटर का संचालन हिंडाल्को द्वारा सीएसआर के अंतर्गत “उड़ान” योजना के तहत किया जा रहा है। आदित्य बिड़ला समूह की मेटल फ्लैगशिप हिंडाल्को को लातेहार जिले में चकला कोल माइन्स आवंटित किया गया और कंपनी द्वारा चकला के सामुदायिक विकास उद्देश्य के तहत “उड़ान “ का संचालन किया जा रहा है। कंपनी द्वारा चकला में दो और नवाटोली में एक कोचिंग सेंटर चलाया जा रहा हैं जहां एक से कक्षा 5 तक के बच्चों को मुफ्त में कोचिंग की सुविधा प्रदान की जा रही है। इन तीनों कोचिंग सेंटर में अभी तक कुल 123 बच्चे पढ़ रहे हैं। इनके लिए कंपनी द्वारा मुफ्त कॉपी, पेन, पेंसिल आदि की व्यवस्था की जा रही है। पढ़ाई का संचालन व्यावसायिक तरीके से हो सके इसके लिए कंपनी द्वारा चकला के ही मेधावी युवाओं को एक परीक्षा के माध्यम से शिक्षक के रूप में चयनित किया गया है। एक तय मानदेय पर अभी कुल तीन शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई जो सप्ताह में 6 दिन हिंदी, अंग्रेजी और गणित की पढ़ाई करा रहे हैं।


कोचिंग में पढ़ा रहे शिक्षक पवन कुमार राम ने बताया कि इस क्षेत्र में कोचिंग की ऐसी व्यवस्था पहले नहीं थी। अब हिंडाल्को द्वारा किए गए इस पहल के फलस्वरूप बच्चों को स्कूल के बाद पढ़ाई का एक माहौल मिल रहा है। हम इस केंद्र पर दो दिन अंग्रेजी, दो दिन हिंदी और दो दिन गणित की क्लास ले रहे हैं। आने वाले दिनों में इसका बहुत ही सकारात्मक परिणाम इलाके के बच्चों के शैक्षिक विकास में देखने को मिलेगा। हिंडाल्को के कोल माइनिंग वर्टिकल के प्रमुख विवेक मिश्रा ने इस बारे में बताया कि चकला में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत है उसे एक निखारने के लिए एक अवसर प्रदान करने की। हम क्षेत्र की जनता के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। स्थानीय जनता और प्रशासन के सकारात्मक सहयोग की वजह से हम क्षेत्र में सीएसआर के तहत विभिन्न योजनाओं का संचालन कर पा रहे हैं और उड़ान के तहत चलने वाले कोचिंग सेंटर उनमें से एक हैं। स्थानीय लोगों के हित में योजनाओं का संचालन निरंतर किया जाता रहेगा। हिंडाल्को पूरे क्षेत्र में इस वित्तीय वर्ष के अंत तक कुल 6 कोचिंग सेंटर खोलने की तैयारी है ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को इसका लाभ पहुंचाया जा सके।

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