
कोरिया में चल रहीं अवैध बसें..मप्र से छग…दलालो के दम पर लाखों के टैक्स की हर माह चोरी..RTO बेपरवाह… किराया भी मनमाना..
मनेंद्रगढ़ से ध्रुव द्विवेदी
मनेन्द्रगढ़ मे इन दिनों अवैध बस संचालकों की बाढ़ सी आ गई है .राज नगर से शहडोल (मध्य प्रदेश) परमिट लेकर छत्तीसगढ़ में धड़ल्ले से प्रवेश कर रहे हैं पक्षीराज,प्रयाग,नफीस बसें प्रतिदिन बनारस इलाहाबाद रीवा के लिए यहां के बस स्टैंड से संचालित हो रही है जिसमें बस स्टैंड में वर्षों से दलाली कर रहे दलालों की भूमिका भी संदिग्ध है,बारात परमिट लेकर बिना टैक्स पटाएं यह बसें छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर रही हैं और लाखों रुपए महीने का टैक्स चोरी कर रही हैं।
ज्ञात हो कि इन दिनों करोना कॉल के बाद इन अवैध बस संचालकों द्वारा यात्रियों का जबरदस्त शोषण और दोहन किया जा रहा है निर्धारित किराया से दोगुना किराया लेकर ठूस ठूस कर अनूपपुर सहडोल रीवा चाकघाट इलाहाबाद तक यात्रियों को भर के ले जाए जा रहा है, मिली जानकारी के अनुसार रीवा का किराया महज ₹350 होना चाहिए पर इन बस संचालकों द्वारा 600-700 ₹ तक वसूले जा रहे हैं वही एक बार में 100 -100 यात्री ले जाए जा रहे हैं जबकि बसों की क्षमता मात्र 40 से 45 सीट की है.महामारी के दौरान चिरीमिरी रीवा ट्रेन बंद होने के कारण यात्रियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है,अक्सर बसों में जब यात्रियों द्वारा इन अवैध बस संचालकों की गतिविधियों का विरोध किया जाता रहा हैं तो बस कंडक्टर और संचालक कहते हैं कि अभी रीवा ट्रेन बंद है तो आप लोग हमारी बसों में जा रहे हैं ट्रेन चालू हो जाएगी तो आप ट्रेन में जाने लगेंगे आप हमारे परमानेंट यात्री थोड़ी हैं इसलिए आप लोगों को इतना किराया देना ही पड़ेगा. इस तरह से मजबूर यात्री इनकी उगाही का शिकार हो रहा है।
उन दिनों जब चिरमिरी रीवा ट्रेन चलती थी तो चिरमिरी से रीवा का किराया लगभग ₹100 था यात्री किराया कम होने के कारण ट्रेनों में जाने लगे थे और लगभग पहुंचने का समय भी एक सा था, ट्रेन में सुविधा भी थी आज ट्रेन बंद होने के कारण यह बस संचालक यात्रियों के साथ मनमानी करते हुए दुर्व्यवहार कर रहे हैं जिसकी शिकायत यात्रियों ने जिले के आला अधिकारियों से भी की है किंतु अभी तक इस पर किसी तरह का प्रशासनिक पहल नहीं किया जाना कई संकाओ को जन्म देता है,।।
बस स्टैंड में लगभग आधा दर्जन दलाल इन अवैध बसो को अपनी अपनी जिम्मेदारी पर मध्य प्रदेश सीमा से छत्तीसगढ़ प्रवेश कराते हैं और यहां प्रशासनिक सेटिंग कर इंट्री के दम पर अवैध कार्य को अंजाम दे रहे हैं और यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं 10 से 15 परसेंट अपना कमीशन और एंट्री काटकर प्रतिदिन गरीब मजबूर यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं.।
दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक बस स्टैंड में यह दलाल सक्रिय रहते हैं ऐसा नहीं है कि जिम्मेदार प्रशासन को इसकी खबर नहीं है लेकिन प्रशासन के नाक के नीचे इस तरह से अवैध बसों का संचालन यात्रियों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार और फिर कोई कार्यवाही नहीं” समझ से परे है।