
निर्माण लागत बढ़ने से था बंद सभापति ने लिया गम्भीरता से और कहा तत्काल स्टीमेट तैयार करें ……… बहुप्रतीक्षित मांग जल्द पूरी कराने की बात …….क्षेत्र के लोगों ने कहा ……लैलूंगा विधानसभा में आने और ……पढ़े पूरी खबर
*भगवानपुर बहुप्रतीक्षित पुल का सभापति ने किया निरीक्षण*
*पुल निर्माण हेतु प्राक्कलन बनाने इंजीनियर को किया गया निर्देशित-जयंत ठेठवार*
रायगढ़।
रायगढ़ वार्ड क्रमांक 45 भगवानपुर में विधायक चक्रधर सिंह सिदार के मार्गदर्शन में नगर निगम के सभापति जयंत ठेठवार के नेतृत्व में तथा पार्षद लक्ष्मी साहू,लखेस्वर मिरी,एम आई सी सदस्य रमेश भगत ,पार्षद प्रतिनिधि गौतम महापात्रे एवं उनके टीम के द्वारा बहुप्रतीक्षित पुल जिसकी ऊंचाई काफी कम है और उसे ऊंचा निर्माण करना अतिआवश्यक है का निरीक्षण किया गया ।
लैलूंगा विधानसभा के 5 वार्ड नगर निगम रायगढ़ में सम्मिलित है उनमें एक वार्ड 45 भगवानपुर जिसमे बहुप्रतीक्षित पुलिया निर्माण की मांग है जिसमे दिनभर लोगो का अवाक जावक रहता है,जो बरसात के दिनों में डूब जाता है,जिसके लिये वार्ड पार्षद नारायण पटेल द्वारा ऊंचा पुल निर्माण हेतु इस्टीमेट भी बनवाया गया था पर किसी कारण वश नही बन पाया है अब वर्तमान में निर्माण लागत बढ़ने के कारण वह लम्बित है ,क्षेत्रवासियों की मांग पर नगर निगम के सभापति लैलूंगा विधायक चक्रधर सिदार के मार्गदर्शन में अपने टीम के साथ स्थल निरीक्षण करने पहुँचे,पुल पर लोगो का दबाव देखकर क्षेत्रवासियों से भी चर्चा किये,वार्ड के पार्षद नारायण पटेल को भी चर्चा किया गया पुल निर्माण हेतु अपनी सहमति जाहिर की। सभापति जयंत ठेठवार ने निरीक्षण कर क्षेत्र के इंजीनियर से बात की एवं प्राक्कलन बनाने निर्देशित किया ।उपस्थित वार्डवासियों ने सभापति के निरीक्षण और निर्माण सम्बन्धी तर्क को सुनते हुए खुशी जाहिर की।निरीक्षण दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी श्री महेश शर्मा, लाला ठाकुर, नरेंद्र पटेल, भूपेश ठाकुर,गौतम पटेल, शुखराम सारथी, सूरज यादव, बिरबहादुर सिंह,घनश्याम कोरवा, पदूम चौहान,आलम खान एवं उज्जला खाद्यय सुरक्षा पोषण महिला समिति के सदस्य उपस्थित रहें,।
सभापति जयंत ठेठवार ने बताया कि माननीय विधायक
चक्रधर सिदार जी के मार्गदर्शन में भगवानपुर पुल का जायजा लिया गया।लैलूंगा विधानसभा अंतर्गत वार्ड 45 में एक पुल की लंबित मांग है जिसकी ऊंचाई कम होने के कारण बरसात में लोगो को खासा परेशानी होती है,जिसका निर्माण वास्तव में जरूरी है,पूर्व में वार्ड के पार्षद द्वारा भी प्रयास करते हुए इस्टीमेट बनवाया गया है जिसमे परिवर्तन कर नया बनवाया जा फ है ,इंजीनियर को पुल की ऊंचाई के साथ इस्टीमेट बनाने कहा गया है हा यह जरूर है कि उस वक्त के एस्टीमेट और अब के एस्टीमेट में लागत का अंतर समय अनुसार होगा।