
रायगढ़ वन मण्डल में जांच के नाम पर खानापूर्ति शिकायत कर्ता को बुलाया गया घरघोड़ा, नगरीय निकाय में शामिल होने के बाद भी 8 सालों तक विजयपुर वन प्रबन्धन समिति रहा अस्तित्व में और होता रहा लेनदेन,
रायगढ़-/- रायगढ़ वनमण्डल अंतर्गत विजयपुर वन प्रबन्धन समिति में बड़े घोटाले की बू आ रही है। मामला सामने आने बाद शिकायत पर शिकायतकर्ता को बयान के लिए घरघोड़ा बुलाया गया है। इस मामले शिकायतकर्ता द्वारा जांच के बाद भ्रष्टाचार में शामिल कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
विजयपुर के नगर निकाय में शामिल होने के बाद भी 8 सालों तक विजयपुर वन प्रबन्धन समिति कार्य करती रही । दरअसल वन प्रबन्धन समिति पंचायत स्तर पर होते हैं। विजय पुर को वर्ष 2012 में नगरीय निकाय में शामिल कर लिया गया था ऐसे में वन प्रबन्धन समिति भी पंचायत के भंग होने के साथ वन प्रबन्धन समिति भी भंग हो जानी थी लेकिन वन विभाग में भ्रष्टाचार की बयार ऐसी है कि नियमों के विपरीत 8 सालों तक विजयपुर वन प्रबन्धन समिति अस्तित्व में तो रही ही साथ मे वित्तीय लेनदेन भी होता रहा और इसी बहाने कई तरह के भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया।
विजयपुर वन प्रबन्धन के माध्यम टेंट व बाउंड्री वाला घोटाला का मामला सामने आया है। मामला सामने के बाद संकल्प पर्यावरण संरक्षण समिति के गोपाल अग्रवाल ने इसकी शिकायत मुख्य वन संरक्षण बिलासपुर को शिकायत कर मामले की जांच की मांग की गई थी इसके बाद विभाग हरकत में आया और मामला सामने आने के बाद जांच के आदेश दिए गए। इस मामले में खास बात जांच के लिए शिकायतकर्ता गोपाल अग्रवाल को रायगढ़ की जगह घरघोड़ा बुलाया गया है। इस पर शिकायत कर्ता का आरोप है कि इसकी जांच में भी लीपापोती की तैयारी की जा रही है। मामला रायगढ़ का है तो घरघोड़ा बुलाया जाना समझ से परे है।

शिकायतकर्ता गोपाल अग्रवाल द्वारा 2012 से विजयपुर के नगरीय निकाय में शामिल होने के बाद से विजयपुर वन प्रबन्धन समिति के माध्यम के कराए गए कार्यो लेनदेन व सामानों की खरीदी व भुगतान की जानकारी मांगी गई है। और नियम विरुद्ध कार्य करने वालो पर एफआईआर की माँग की गई है।
वर्सन-/-यह सही है कि विजयपुर वन प्रबन्धन समिति को भंग हो जाना था मेरे संज्ञान में आने के बाद गोपालपुर वन प्रबन्धन समिति के गठन की तैयारी शुरू कर दी गई है और बाकी के जांच की जा रही है।
प्रणय मिश्रा
डीएफओ रायगढ़ वन मण्डल





