
माकपा रायगढ़ सम्मेलन जनता से जुड़े हुये मुद्दों पर कारगर हस्तक्षेप करना, जनसंघर्षों को तेज करने … सरकार पर आरोप लगाते हुये कहा कि प्रदेश की जनता की भावनाओं को नजरअंदाज कर कार्पोरेट घरानों के हितों पर ज्यादा ध्यान में ….सुखरंजन
रायगढ़-/-प्रदेश की कांग्रेस सरकार जनता की हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य करें ।उक्त बातें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के रायगढ़ इकाई के सम्मेलन का उदघाटन करते हुये पार्टी के राज्य समिति सदस्य सुखरंजन नंदी ने कहा।
उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुये कहा कि प्रदेश की जनता की भावनाओं को नजरअंदाज कर कार्पोरेट घरानों की हितों को ध्यान में रखकर यह सरकार कार्य कर रही हैं। बस्तर में आदिवासियों की हत्या और सरगुजा में अदानी को कोयला खदानो के लिए आदिवासियों को बेदखल किया जा रहा है।रायगढ़ जिला में भी भारी तादाद में वनभूमि पर काबिज आदिवासियों को पट्टा देने की अपनी चुनावी वायदा को बघेल सरकार ने भूला दिया हैं। गरीब आदिवासियों की आजीविका मुख्य रूप से वनोपज संग्रहण पर निर्भर है लेकिन भूपेश सरकार ने वनोपज की सरकारी खरीदी दर को बाजार भाव से कम निर्धारित कर व्यापारियों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचाने का काम किया है। जबकि सरकार वनोपज की सही दाम निर्धारित कर सरकारी खरीदी पर जोर देकर आदिवासियों गरीबों की हितों की रक्षा कर सकती थी।

माकपा नेता ने भूपेश सरकार की तीखी आलोचना करते हुये कहा कि जब से भूपेश सरकार सत्तासीन हुआ है तब से निर्माण व असंगठित श्रमिकों के सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी तरह से बंद कर दिया हैं।साईकिल,सिलाई मशीन, छात्रवृत्ति, गर्भवती महिला मजदूरों को मिलने वाली राशि पूरी तरीके से बंद पड़ी हुई है और सरकार मजदूरों को इन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ से बंचित कर रखा हैं।

पार्टी नेता ने सम्मेलन को दिशा-निर्देश करते हुये कहा कि पिछले चुनाव में प्रदेश की जनता ने रमन सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ अपना राय दिया था ,भूपेश सरकार को जनभावनाओ का सम्मान करते हुये जनहित में कदम उठाने की आवश्यकता है अन्यथा जनता के आक्रोश का लाभ साम्प्रदायिकता भाजपा लेने का प्रयास करेगी।उन्होने ऐसी विषम परिस्थिति में माकपा को जनता से जुड़े हुये मुद्दों पर कारगर हस्तक्षेप करने पर बल दिया और जिला में जनसंघर्षों को तेज करने का आव्हान किया ।
*रिपोर्ट पर हुई बहस*
सम्मेलन के समक्ष पिछले तीन वर्ष की समीक्षात्मक रिपोर्ट जिला सचिव के द्वारा प्रस्तुत किया गया। जिसमें विस्तार से जिला की राजनैतिक परिस्थिति ,जनता की स्थिति एवम वर्तमान परिस्थिति में पार्टी के समक्ष चुनौती और कार्यभार को रखा गया। रिपोर्ट पर साथियों की बहस और सुझावों को सम्मिलित करते राजनैतिक-सांगठनिक रिपोर्ट को सर्वसम्मति से पारित किया गया।
*आदिवासी-दलित-महिलाओं पर दिया गया जोर*
पार्टी के इस सम्मेलन में जिला में सामाजिक व आर्थिक रूप से कमजोर तबको के मुद्दों पर कारगर हस्तक्षेप करने पर जोर दिया गया। जिला में आदिवासी-दलित-महिलाओं से जुड़े हुये समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने और इन तबको को संगठित करने का निर्णय सम्मेलन में लिया गया हैं।
*नई कमेटी का हुआ चुनाव*
सम्मेलन ने सात सदस्यीय समिति का सर्वसम्मति से चुनाव किया गया। जिसमें श्याम जायसवाल,वनमाली प्रधान,संजय ढोबले,श्रीमति माधुरी,विजय पटेल,जय कुमार सिदार और समयलाल शामिल है। समिति का सचिव पुनः श्याम जायसवाल चुने गये।

*वरिष्ठ सदस्यों हुये सम्मानित*
सम्मेलन से युवा साथियों को नई-नई जिम्मेदारी के साथ उन्हे विकसित करने के उद्देश्य से वरिष्ठ साथी आर एम यादव,लंबोदर साव ,नित्यानंद देवांगन, शहाबुद्दीन इन चार साथियों को सम्मानित करते हुये समिति से विदाई दी गई है। इन चारों साथियों की योगदान को याद करते हुये इनके लंबे अनुभवों से नये युवा साथियों को मार्गदर्शन मिलते रहे इस लिये वे पार्टी के आंदोलनों में सहयोद्धा के रूप में बने रहेंगे। सम्मेलन की अध्यक्षता आर एम यादव ने किया।




