
एसडीएम गगन शर्मा के खिलाफ अधिवक्ताओं ने खोला मोर्चा … अवैध कालोनाइजर को संरक्षण देने …. पक्षकारों से पैसे लेकर प्रकरण निराकृत करने सहित कई बिंदुओं पर किया संघ से शिकायत ….कलेक्टर को भेजा प्रतिलिपि ….
रायगढ़ ।
तहसील न्यायालय के अधिवक्ताओं के द्वारा एसडीएम गगन शर्मा के खिलाफ एक शिकायत का पुलिंदा संघ के अध्यक्ष और सचिव को सौंपा गया है। इसकी एक प्रतिलिपि कॉपी कलेक्टर के नाम दी गई है।
अधिवक्ताओं द्वारा एसडीएम गगन शर्मा की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। इन पूर्व में भी कई गंभीर आरोप पक्षकारों के द्वारा भी लगाया जा चुका है। यहां तक की इन पर उच्च न्यायालय के आदेश को भी रद्दी की टोकरी में डालने का आरोप लगाया जा चुका है।
तहसील और एसडीएम न्यायालय में पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के द्वारा एसडीएम गगन शर्मा के खिलाफ लिखित शिकायत अपने संघ के उच्च पदाधिकारियों से किया गया है। जिसमे पक्षकारों से पैसे लेकर प्रकरण पंजीबद्ध करने और फैसला देनें का आरोप लगाया है। अधिवक्ताओं ने प्रकरणों में पैसे नहीं देने पर तकनीकी पेंच फंसा कर नस्तीबद्ध करने कालोनाइजरों को रातों रात उनके पक्ष में काम करने और उन्हें फलने फूलने में एसडीएम की बड़ी भूमिका साबित होती है। रायगढ़ जिले में खासतौर शहर के अंदर भारी पैमाने पर अवैध प्लाटिंग की खबरें रोजाना अखबारों की सुर्खियां बन रही है । तमाम कवायद के बाद भी शहरी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आज यह बात उस समय सत्य प्रमाणित होती है जब अधिवक्ताओं के द्वारा अपने जिला अध्यक्ष को एक पत्र सौंपा जिसमें बताया गया कि किस तरह से शहर में एसडीएम गगन शर्मा के द्वारा कालोनाईजरों और जमीन दलालों को संरक्षण दे रखा है। अधिवक्ताओं के पत्र से यह पूरी तरह से साबित होता है कि मीडिया में बन रही सुर्खियां बेवजह नहीं है। जमीन दलालों को जिस तरह से प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है । यही वजह है कि मीडिया में सुर्खियां बनने के बाद भी जमीन दलालों पर कोई नकेल नहीं कसी जा रही है। यह बात अलग है कुछ जमीन दलाल चपेट में आए जरूर हैं किंतु उनका कोई बाल भी बांका नहीं कर सका है। अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता संघ के जिला अध्यक्ष को पत्र प्रेषित कर बताया है कि किस तरह से अवैध जमीन का कारोबार करने वाले जमीन दलालों को कॉलोनाइजर एक्ट के तहत 1 दिन में सारी प्रक्रियाएं निपटा दी जा रही हैं। जाहिर है कि आज धन बल के बल पर सब कुछ हो रहा है। जमीन दलालों के द्वारा चाहे वह कोटवारी भूमि हो शासकीय जमीन हो चाहे कोई भी प्रकरण यह नहीं छोड़ रहे हैं। जमीनों की खरीदी बिक्री अवैध तरीके से शहर में जोरों पर है । अवैध तरीके से जमीन के टुकड़े कर कर खूब जमकर खरीदी बिक्री की जा रही है और यहां तक कि शमशान भूमि कब्रिस्तान तक को नहीं छोड़ा जा रहा है किस तरह से एसडीएम दफ्तर के अंदर जमीन दलालों के पौ 12 है। यह सब अधिवक्ताओं के शिकायती पत्र से साबित होता है अब देखना है कि एसडीएम गगन शर्मा को के खिलाफ जिला प्रशासन क्या एक्शन लेता है। अधिवक्ता संघ के द्वारा इस मामले में उनका ऊंट किस तरह बैठता है आने वाले समय में पता चलेगा।। खास बात ये है की एक प्रशिक्षु अधिकारी जिसे एसडीएम बनाया गया । ये अभी इतने क्रप्त भ्रष्ट हैं तो आगे चलकर ये क्या करेंगे। पब्लिक सर्वेंट वाली भावना अब अधिकारियों में नहीं रह गई। पद यानी कमाई का जरिया।