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ट्रेड यूनियन काउंसिल एवं फेडरेशन के नेता शेख कलीमुल्लाह ने पटवारी संघ की हड़ताल पर एस्मा लगाने पर जताई आपत्ति …. कहा एस्मा नहीं, पटवारी संघ से वार्ता करे सरकार ….लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार

 

रायगढ़. ट्रेड यूनियन काउंसिल रायगढ़ के उपाध्यक्ष शेख कलीमुल्लाह ने राज्य में हड़ताल कर रहे पटवारी संघ पर एस्मा लगाए जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है. इसलिए एस्मा की कारवाही को वापस लेते हुए राजस्व पटवारी संघ के पदाधिकारियों से चर्चा कर हड़ताल समाप्त करवाने की कोशिश करनी चाहिए. उल्लेखनीय है कि राजस्व पटवारी संघ अपनी 8 सूत्री मांगों को लेकर विगत 15 मई से आंदोलनरत हैं लेकिन सरकार द्वारा कोई चर्चा नहीं की गई बल्कि एक तुगलकी आदेश जारी कर आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया गया है जिसकी ट्रेड यूनियन काउंसिल रायगढ़ निंदा करता है.

राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ ने आंदोलन के पूर्व दिनांक 11.04.23 को सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग रायपुर को 8 सूत्री मांगों के संबंध में अवगत कराते हुए मांगे पूरी नहीं होने पर दिनांक 24 .04. 23 को 1 दिन का सामूहिक अवकाश लेकर राजधानी में धरना प्रदर्शन किए जाने की बात कहीं थी. 8 सूत्री मांगों पर कोई विचार नहीं होने पर राज्य स्तरीय एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया तथा आगामी 15 मई से मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल किए जाने का निर्णय लिया गया जिस की विधिवत सूचना पुन :सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को दिनांक 01.05 .23 को दिया गया. ज्ञापन पर कार्यवाही नहीं होने पर तयशुदा कार्यक्रम के तहत दिनांक 15 मई से राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चला गया. अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहा लेकिन प्रशासन द्वारा मांगों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई. 8 सूत्री मांगों में 50% पदोन्नति की मांग विभागीय कार्यवाही पश्चात एफ आई आर करने की मांग ऐसी मांगे हैं जिस पर तत्काल निर्णय सरकार ले सकती है लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया. शासन ने राजस्व पटवारी संघ के प्रतिनिधियों से चर्चा करना मुनासिब नहीं समझा बल्कि आंदोलन के 24 वे दिन एस्मा की कार्रवाई की गई और इसे राजपत्र पर प्रकाशित किया गया. राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ द्वारा एस्मा के आदेश की प्रति जलाकर पूरे प्रांत में विरोध प्रदर्शन किया गया. विरोध प्रदर्शन में अन्य संगठनों की भी सहभागिता रही जो सरकार के तानाशाही रवैया पर आपत्ति दर्ज कराते हुए शामिल हुए. सरकार ने पूर्व मैं भी कई कर्मचारी संगठनों के आंदोलन पर एस्मा की कार्यवाही की लेकिन कर्मचारी संगठनों के समस्या का समाधान चर्चा के माध्यम से ही हुआ है.

राज्य शासन को चाहिए कि राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों को चर्चा हेतु आमंत्रित करें और जिन मांगों पर पारस्परिक सहमति बन सकती है उन मांगों के लिए आदेश जारी करें इसलिए ट्रेड यूनियन काउंसिल रायगढ़ माननीय मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री छत्तीसगढ़ शासन से अनुरोध करता है कि वे राजस्व पटवारी संघ के प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए आमंत्रित करें एवं उनके जायज मांग पर तत्काल आदेश जारी करें.

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