
इन्दिरा गांधी के समय युवा कांग्रेस की राजनिति में कदम….. युवावस्था में ही अपने गांव से सरपंच बनकर राजनिति की शुरूवात करने वाले ….नंदकुमार पटेल के विश्वासनीय राजनीतिक सहयोगी … भोजसिंह ने उस समय जब स्क्रीनिंग कमेटी ……..लोक सभा प्रत्याशी की दावेदारी कर सबको चौंका दिया है ….नया चेहरा और भी बहुत कुछ बदल सकता है समीकरण
शमशाद अहमद
रायगढ़ । कांग्रेस पार्टी के कट्टर समर्थक व खरसिया विधानसभा के वरिष्ट आदिवासी नेता भोजसिंह राठिया (कुनकुनी खरसिया) नें कांग्रेस की ओर से रायगढ़ लोकसभा सीट के लिए प्रबल दावेदारी ठोक दी है । खरसिया विधान सभा में कांग्रेस का झंड़ा हमेशा लहराता रहे इस बात पर भोजसिंह राठिया ने सदैव पार्टी की निष्ठापूर्णक कार्य करते हुए आदिवासी समाज का नेतृत्व कर कार्य कर रहे हैं ।
सादगी पूर्वक जीवन जीने वाले भोजसिंह राठिया धोती व कुर्ता की पहनावा से पुरानी परंम्परा को आज भी कायम किए हुए है । भोगसिंह राठिया ने स्व. श्रीमति इन्दिरा गांधी के समय से युवा कांग्रेस की राजनिति व युवावस्था में ही अपने गांव से सरपंच बनकर राजनिति की शुरूवात की है । भोजसिंह राठिया अविभाजित म.प्र. के समय सन 1985 में सरपंच और उसी समय 1985 से 1991 तक कृषि उपज मंड़ी खरसिया के अध्यक्ष बने थे । अविभाजित म.प्र. के समय में पुन: सन 1995 से लगातार 4 बार सरपंच बने । जिसमें इनकी धर्मपत्नी लोपकुवंर राठिया भी एक बार सरपंच बनी थी । छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार के समय 2022 में पुन: कृषि उपज मंड़ी खरसिया के अध्यक्ष बने । अविभाजित मप्र. में मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ला के समय रायगढ़ जिला युवा कांग्रेस में प्रचार मंत्री बनें ।
शहीद नंदकुमार पटेल के विश्वासनीय राजनीतिक सहयोगी के रूप में पहचान बनाने वाले भोजसिंह राठिया अविभाजित मप्र. में मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के समय 1998 में धरमजयगढ़(रायगढ़) के परियोजना प्रतिनिधि बनें । खरसिया विधानभा चुनाव 2013, 2018 व 2023 में वर्तमान विधायक उमेश पटेल के खरसिया ब्लाक से चुनाव संचालक के रूप में कार्य किए । समाजिक, राजनितिक व धार्मिक कार्यो में सक्रिय भूमिका निभाने वाले भोजसिंह राठिया को कांग्रेस पार्टी से रायगढ़ लोकसभा की टिकट मिलती है तो निश्चित ही इस बार रायगढ़ से कांग्रेस का सांसद बनना तय हो जाएगा ।