♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

एसईसीएल बरौद विस्थापित परिवार का सीएमडी कार्यालय बिलासपुर का घेराव प्रदर्शन एक अप्रैल को…विस्थापन लाभ बढ़ोत्तरी को लेकर लंबे समय से कर रहे मांग..एसईसीएल एक फिर अलग अलग परियोजनाओं में अलग अलग पुनर्विविस्थापन लाभ क्यों? पूछ रहे प्रभावित….

शमशाद अहमद/-

रायगढ़ । एसईसीएल अंतरंग बरौद खदान प्रभावितों के द्वारा अंततः बड़ा फैसला लिया है। एक तरफ कहते हैं एसईसीएल की नीतियां सभी के लिए एक जैसी है तो फिर बारौद सहित दूसरे कुछ अन्य कोयला खदान प्रभावितों के लिए दूसरी क्यों ? पूछ रहे ग्रामीण पर इसका उन्हे नहीं मिल रहा है। अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का बड़ा रुख अख्तियार किया है। ग्रामीणों द्वारा इसे लेकर प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया है की उनके द्वारा आगामी 1 अप्रैल 2025 को बिलासपुर मुख्यालय यानि सीएमडी दफ्तर घेराव करने की जानकारी दी गई है। जो अपने आपमें आंदोलनों के क्रम में एक बड़ी खबर है।

पढ़े पूरी विज्ञप्ति जिसमे क्या कहा है …

 

जिले के अन्तर्गत एसईसीएल की बरौद खुली खदान के प्रभावित ग्रामीण लंबित प्रकरण मांग को लेकर पुनः मोर्चा खोला दिया है। और विस्थापन लाभ को लेकर एसईसीएल सीएमडी कार्यालय बिलासपुर का एक अप्रैल को घेराव कर धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगो के प्रति ध्यान आकृष्ट कराने का काम करेंगे। एसईसीएल कंपनी एक है लेकिन अलग अलग परियोजनाओं के लिए अलग अलग विस्थापन नियम क्यों लागू किया जा रहा है इसे लेकर भू विस्थापितों मे जबरदस्त आक्रोश है।

एसईसीएल भारत सरकार का उपक्रम है और सदैव भारत सरकार की निति एवं नियमों का पालन करती है ऐसा एसईसीएल के अधिकारियों का कहना है लेकिन ऐसा नही है कम्पनी एक है लेकिन नियम कानून अलग- अलग है जैसे कोरबा जिले के गेवरा, दिपका,कुसमुंडा के विस्थापित परिवारों के लिए विस्थापन लाभ प्रति परिवार 10 लाख एवं अतिरिक्त पारितोषिक प्रोत्साहन राशि 05 लाख कुल 15 लाख रुपए लाभ प्रदान किया जा रहा है। अन्य जिले बरौद परियोजना , कोरबा के ही सराईपाली परियोजना ,अंबिका परियोजना एवं अन्य खदानों के विस्थापित परिवार के लिए मात्र 03 लाख विस्थापन लाभ सुनिश्चित किया गया है जब की कम्पनी एक है तो विस्थापन लाभ का नियम कानून एक होना चाहिए। सौतेला व्यवहार नही किया जाना चाहिए।
इन्हीं मांगों को लेकर सराईपाली परियोजना के ग्राम बुड़बुड़ एवं बरौद परियोजना के ग्राम -बरौद के विस्थापित एवं अंबिका परियोजना के करतली गांव को विस्थापन किया जाना है और पुराने पुनर्वास नीति के तहत् 03 लाख रुपए सुनिश्चित किया है। जिसको लेकर ग्रामीण 2022 से 03 सालों से मांग करते आ रहे और समय -समय पर आन्दोलन हड़ताल खदान बन्दी एवं त्रिपक्षीय वार्ता करा अनेकों बार प्रबंधन के साथ हुई बैठकों में लिए गाऐ निर्णय में हमेशा ही ग्रामीणों को झूठी और जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन नही किया गया है और ग्रामीणों को लम्बे समय से आश्वासन देकर भ्रमित किया जा रहा है।

जिला मुख्यालय में आला अधिकारी से मिलने आने के दौरान

अब ग्रामीण सीधे तौर पर आर पार की लड़ाई के लिए तैयार हो गये है जिनको लेकर समस्त विस्थापित परिवार अपनी मांग को लेकर हजारों की संख्या में 01अप्रैल 2025 को एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय का घेराव कर अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के नाम ज्ञापन सौंपी जाऐगी तत्पश्चात भी मांगें नही मानी गई तो एक दिन – एसईसीएल के बरौद खुली खदान और सराईपाली परियोजना बुड़बुड़ खदान अन्य 04-05 खदानों को विस्थापन लाभ बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर पूर्ण रूप से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी रायगढ़ जिले के बरौद परियोजना प्रभावित एवं कोरबा जिले के प्रभावित परिवारों ने पुरे तरह से मन बना लिया है ।

क्या कहते है एसईसीएल के अधिकारी – नाम न छापने की शर्त पर एसईसीएल के एक अधिकारी का कहना है की सराईपाली परियोजना के ग्राम बुड़बुड विस्थापित परिवारों का मामला साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की कार्यात्माक निदेशक समिति (सीओएफडी ) द्वारा सराईपाली परियोजना के गांव बुड़बुड़ के विस्थापन लाभ के लिए स्वीकृत अनुमोदन हेतु निदेशक मंडल बोर्ड को अंतिम निर्णय हेतु प्रस्तावित किया गया है उक्त निर्णय को आधार बना कर सभी परियोजनाओं पर लागू किया जावेगा।

क्या कहते है ग्रामीण – कई सालों से ग्रामीणों को झूठा आश्वासन दिया जा रहा है। हमेशा ही एसईसीएल के आला-अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को एसईसीएल बोर्ड का हवाला दे कर गुमराह किया जाता है। जल्द से जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो उग्र आन्दोलन के लिए विस्थापित परिवार मजबूर होंगे ।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

Please Share This News By Pressing Whatsapp Button



स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

जवाब जरूर दे 

[poll]

Related Articles

Back to top button
Don`t copy text!
Close