कलेक्टर की मानवीय पहल से जन्मजात हृदय रोग से जूझते तीन मासूमों को मिली नई ज़िंदगी
अनूप बड़ेरिया
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत रायपुर में हुआ सफल ऑपरेशन, बच्चों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
कोरिया कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी की मानवीय पहल और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित तीन बच्चों का सफल ऑपरेशन रायपुर के नारायणा हेल्थ एनएच-एमएमआई अस्पताल में किया गया। इन बच्चों को चिरायु योजना के तहत चिन्हांकित कर उपचार हेतु भेजा गया था।
कार्यक्रम का उद्देश्य 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों की 4D जांच, जन्म दोष, बीमारियाँ, पोषण की कमी और विकास में देरी के माध्यम से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर उन्हें तृतीयक स्तर पर निःशुल्क उपचार प्रदान करना है।
इस क्रम में बैकुंठपुर क्षेत्र के तीन मासूम नित्या (4 वर्ष), पत्रापाली, संगीता (6 वर्ष), आनी और सृष्टि देवांगन (5 वर्ष), सरडी निवासी को जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित पाए जाने पर रायपुर ले जाकर ऑपरेशन कराया गया। ऑपरेशन पूर्णतः सफल रहा और अब तीनों बच्चे स्वस्थ हैं।

इस सराहनीय पहल को सफल बनाने में जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अशरफ अंसारी, चिरायु नोडल अधिकारी डॉ. अभय जुगल तिर्की तथा ब्लॉक स्तर की चिरायु टीम की अहम भूमिका रही। चिरायु योजना के तहत जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों की नियमित जांच जारी है ताकि समय रहते रोगों की पहचान कर बेहतर इलाज मुहैया कराया जा सके।यह पहल न केवल बच्चों को नई जिंदगी दे रही है, बल्कि उनके परिवारों में भी आशा और विश्वास जगा रही है।




