
पूरे प्रदेश में सचिवों की कमी फिर भी फिर भी कोरिया एमसीबी में कई सचिव जनपदों में संलग्न..
राजन पांडेय
कोरिया । पूरे प्रदेश में सचिवो की कमी है जिसके कारण पंचायतो के काम काज प्रभावित होते रहते हैं शायद यही कारण है कि एक सचिव को दो से तीन पंचायतो का प्रभार दिया जाता रहा है । लेकिन दूसरी तरफ कोरिया जिले में गौर करें तो कई सचिव बिना पंचायतो के प्रभार के जनपदों में संलग्न है इंनके पास किसी भी पँचायत का कोई प्रभार नही है। ऐसे में कई सचिव शासन प्रशासन के कार्यों के बोझ में दबते चले जा रहे हैं उनके पास एक दो तीन तीन पंचायत के प्रभार हैं उसके बावजूद भी जिला प्रशासन गहरी नींद में सो रहा है जबकि कोरिया एम सी बी में के जनपद पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत की कृपा से कई ग्राम पंचायत सचिवों को बैठे-बैठे प्रतिमाह वेतन दिए जा रहे हैं जबकि उन सचिवों द्वारा कभी ना तो कार्यालय में अपनी उपस्थिति दी जाती नहीं ग्राम पंचायत का प्रभार है यदि ऐसे ग्राम पंचायत सचिवों की संख्या गिनती की जाए तो कई जनपदों में सचिवों की सूची तैयार की जा सकती है सचिवों की कमी को देखते हुए तत्काल जिला प्रशासन को जनपदों में बैठकर समय काट रहे सचिवों को ग्राम पंचायत का प्रभार दिया जाना चाहिए जिससे कामों का संतुलन बना रहे कई सचिवों का दावा है कि सचिवों पर मानसिक आर्थिक राजनीतिक दबाव इतने बढ़ गए हैं की एक ग्राम पंचायत से अधिक स्थान पर काम करने की उनकी इच्छा नहीं होती इसके बावजूद भी काम करना पड़ता है। और ऐसे में ग्राम पंचायत के कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। आखिर देखना होगा कि पिछले कई वर्षों से और कुछ सचिवों के मामले में कई माह से बैठकर भुगतान प्राप्त करने वाले सचिवों पर जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करता है.