
मोदी की गारंटी अब तक नही हुई लागू..कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन धरना प्रदर्शन व मशाल रैली..
अनूप बड़ेरिया
11 सूत्रीय मांगों को लेकर 22 अगस्त को कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन प्रांतीय उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह दद्दा, संरक्षक शकर सुमन मिश्रा व जिला संयोजक आर एस चांदे के नेतृत्व में स्थानीय प्रेमाबाग प्रांगण में पूरे जोशो खरोश के साथ हुआ और विशाल रूप से मशाल रैली निकाली गई। जिसमे सभी कर्मचारी अधिकारी ने क्रांति की मशाल को थामे रखा और सरकार को गहरी नींद से जगाने का पूरा प्रयास किया।
उक्त हड़ताल में सभी विभागों के अधिकारी कर्मचारियों के सम्मिलित रहने के कारण सभी विभागों में तालाबंदी थी और पूरा काम काज ठप्प था।
इस हड़ताल में स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, एनएचएम संघ,वन विभाग संघ, शिक्षा विभाग, ग्राम पंचायत सचिव संघ, चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ, लिपिक वर्गीय संघ, राजस्व निरीक्षक संघ, कोषालय कर्मचारी संघ, पी एच ई विभाग, पी डब्लू डी विभाग, कृषि कर्मचारी संघ,कृषि स्नातक अधिकारी संघ, सहकारिता विभाग, मत्स्य विभाग, रेशम कर्मचारी संघ, आर ई एस संघ, महिला एवं बाल विकास विभाग संघ, समाज कल्याण संघ, पशु चिकित्सा संघ, नगर निवेश कर्मचारी संघ, व्यापार व उद्योग संघ, जल संसाधन कर्मचारी अधिकारी संघ, अभियंता संघ, राजपत्रित अधिकारी संघ , तकनीकी कर्मचारी संघ समेत 70 विभागों के कर्मचारी अधिकारी सम्मिलित रहे।
11 सूत्रीय मांगों में प्रमुख रूप से डीए का लंबित एरियर्श का भुगतान जिसमे 2019 से शासन ने हमेशा दो वर्ष देर से डीए दिया किंतु उसका एरियर्स आज तक नही दिया जबकि मोदी की गारंटी में तत्काल डी ए और बकाया एरियर्स की राशि के भुगतान का वादा किया गया था।
फेडरेशन की मांग है कि 2019 से बकाया डीए राशि का भुगतान तत्काल किया जाए।दूसरी मांग है अवकाश नगदीकरण 240 दिन के बजाए 300 दिन किया जाए ज्ञात हो कि शासकीय कर्मचारियों को अपने सेवा काल में बचाए गए अवकाश अर्थात यदि सरकारी कर्मचारी यदि छुट्टी न ले तो उसको बचाए गए अवकाश के बदले पेमेंट का प्रावधान है, यह सीमा 240 दिन की है। जिसे मध्यप्रदेश के अनुसार 300 दिन करने की मांग की गई है।
तीसरी मांग में अन्य भाजपा शासित राज्यों के अनुसार छत्तीसगढ़ में भी सरकारी कर्मचारियों सेवा की अवधि 60 वर्ष बजाए 65 वर्ष करने की मांग की गई है, ताकि व्यक्ति के अधिकतम अनुभव का लाभ जनता को मिल सके।
वर्तमान में सरकार ने 2 प्रतिशन डीए देने की घोषणा तो की किंतु सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि 2 प्रतिशत डीए कब से मिलेगा यह नहीं बताया शायद अगले पंवर्षीय बाद मिल सकता है और इस 2 प्रतिशत डीए को 2 वर्ष बाद लागू किया गया और परंपरा अनुसार उसका एरियर्स भी नहीं दिया गया।
अन्य मांग में प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना
ज्ञात हो कि सविलियन हुए प्रदेश में कर्मचारियों को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना नही की जा रही है जिससे उनको रिटायरमेंट के समय मात्र 15 से 25 प्रतिशन पेंशन ही प्राप्त होगा जिससे उनका बुढ़ापा पूर्णतः असुरक्षित है प्रदेश में पूर्ण 50 प्रतिशत पेंशन एक सपना हो गया है।
अगली मांग में फेडरेशन की मांग है कि अन्य राज्यों की भांति छत्तीसगढ़ में भी चार स्तरीय वेतनमान लागू किया जाए और पंचायत सचिव सहित उन सभी कर्मचारियों का शासकीय करण किया जाए जो शासकीय नहीं है।