♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

सच्ची घटनाओं से प्रेरित छत्तीसगढ़ी हॉरर कॉमेडी फिल्म दंतेला कल से सिनेमाघरों में*

रायगढ़/सच्ची घटनाओं से प्रेरित छत्तीसगढ़ी हॉरर कॉमेडी फिल्म दंतेला 29 अगस्त को रिलीज हो रही है। जल संरक्षण पर आधारित बहुप्रतीक्षित फिल्म दंतेला 5 अन्य भाषाओं हिंदी, ओडिया, भोजपुरी, तमिल और तेलुगु में भी रिलीज होगी। डेढ़ साल से फिल्म के ट्रेलर रिलीज से पहले टीजर और गाने पूरे मध्य भारत में धमाल मचाए हुए है तकनीकी कारणों से फिल्म अब रिलीज होने जा रही है। फिल्म के गीत-संगीत ठेठ छत्तीसगढ़ी विधा में रचे गए हैं जो कि फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण है। कहानी सत्य घटना पर आधारित लोक कथा पर है जिसमें स्थानीय किवंदतियां पीढ़ी दर पीढ़ी कैसे अंधविश्वास का रूप ले लेती हैं इन्हीं की परतों को खोलते और सच्चाई सामने लाती है दंतेला।
रायगढ़ में यह फिल्म गोपी टॉकीज, ग्रैंड सिनेमा और गैलेक्सी सिनेमा में लगेगी। 2 सितंबर को फिल्म की पूरी कास्ट रायगढ़ आ रही है। प्रेसवार्ता के बाद कास्ट पत्रकारों के साथ फिल्म देखेगी।

फिल्म के मूल में जल संरक्षण है जिसे लोगों को समझाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी फिल्म मेकर्स ने ली है और उम्दा सिनेमैटोग्राफी और कथानक से पेश की है। पहली बार किसी छत्तीसगढ़ी फिल्म में इतनी डिटेलिंग की गई है, फिर चाहे वह सूखा का दृश्य दिखाना हो या फिर 1942 के प्लॉट को। इस कारण फिल्म समीक्षक दंतेला को अभी से छत्तीसगढ़ी सिनेमा में एक मील का पत्थर मान रहे हैं क्योंकि अपने बेजोड़ टीजर और गाने के अलावे यह पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म है जो 6 भाषा में आएगी।

अरिहान फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म दंतेला के लेखक व निर्देशक डॉ. शांतनु पाटनवार (शानू ) हैं। शानू का जन्म रायगढ़ में हुआ है और प्राथमिक शिक्षा भी कार्मेल स्कूल में हुई है। इनके पिता सिद्धेश्वर पाटनवार सिंचाई विभाग में इंजीनियर थे। शांतनु को बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर और बेस्ट डायलॉग राइटर का छत्तीसगढ़ी फिल्म अवार्ड मिला है। शानू ने 2021 में आई छत्तीसगढ़ी फिल्म कुरुक्षेत्र का निर्देशन किया था। केजीएफ 2 के शूटिंग को देखने के लिए उन्हें विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था।

दंतेला की कहानी बलरामपुर के चरचरी गांव की है जहां फ़िल्म के कुछ हिस्से फिल्माए गए हैं बाकी फिल्म का ज्यादातर हिस्सा रायपुर के समीप खमतराई में शूट किया गया है। वहां चरचरी गांव को रिक्रिएट किया गया और सालभर की शूटिंग में दंतेला बनी।
डॉक्टर्स की टीम ने क्राउड फंडिंग और अपनी बचत लगाकर फिल्म का निर्माण किया है। संभवत: यह देश की पहली फिल्म होगी जिसमें प्रोफेशनल डॉक्टर्स कैमरा थामे, संगीत देते, एक्टिंग करते व प्रोड्यूस करते नजर आ रहे हैं।

फिल्म की पूरी टीम में छत्तीसगढ़िया लोग ही हैं सिर्फ लीड एक्ट्रेस राया डिंगोरिया मुंबई से हैं। इनके अलावा एक्टर विशाल, डॉ. राज दीवान, ज्योत्सना, वीना सेंद्रे, अनिल सिन्हा, अमन सागर प्रमुख भूमिका में हैं। अंकित काठले व रवि पटेल के संगीत ने फिल्म में स्थानीयता भरी है। ऋषभ सिंह ठाकुर ने फिल्म के कुछ गाने लिखे व कंपोज किए हैं। प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गायक संतोष यादव ने अपनी दमदार आवाज दी है। डॉ. शांतनु ने भी फिल्म के गाने लिखे हैं।

*रायगढ़ में स्पेशल स्क्रीनिंग के लिए उत्साहित: डॉ. शांतनु*

फिल्म के लेखक-डायरेक्टर डॉ. शांतनु पाटनवार कहते हैं कि रायगढ़ में स्पेशल स्क्रीनिंग एक भावनात्मक क्षण रहेगा। जहां हम बचपन में फिल्म देखा करते थे आज वहां हमारी फिल्म लग रही। मैं अभी से उत्साहित हूं। दंतेला छत्तीसगढ़ी संस्कृति को समेटे हुए संपूर्ण फिल्म है। फिल्म के गीत और संगीत पारंपरिक हैं जिससे दर्शक चाहे सरगुजा का हो या जगदलपुर वह इनसे अपने आप को जरूर कनेक्ट करेगा। छत्तीसगढ़ी पारंपरिक वाद्य यंत्रों का प्रयोग जो हम अपने आसपास देखते हैं उसे बड़े पर्दे पर बजते और सुनते देखना सुखद अनुभव होगा। बिरहा, ददरिया के साथ रेट्रो, आइटम नंबर फिल्म में है जिसे सिचुएशन के अनुसार उपयोग किया गया है। हमने टाइप्ट सिनेमा मेकिंग नहीं की है। जो चीज वास्तव में जैसी दिखती है उसे वैसा ही पेश किया है। हमारे इसी प्रयोग को लोग कन्नड़ सिनेमैटोग्राफी से तुलना कर रहे हैं क्योंकि वहां भी ओरिजनल्स पर ही फोकस किया जाता है। हमने एक किंवदंती (लोक कथा) के मूल में जाकर उसे सामने लाया है। फिल्म के हर भाग पर सभी ने खूब मेहनत की है। टीजर और गाने को लोगों का खूब प्यार मिल रहा है।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

Please Share This News By Pressing Whatsapp Button



स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

जवाब जरूर दे 

[poll]

Related Articles

Back to top button
Don`t copy text!
Close