
जयमाला सिंह ने दिल्ली से छेड़ा ‘वोट चोर गद्दी छोड़ो’ राष्ट्रीय अभियान में हुई शामिल …..इंदिरा भवन में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से की मुलाकात……पूर्व राष्ट्रीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष सहित वरिष्ठ नेताओं के साथ रणनीतिक चर्चा……लोकतंत्र की रक्षा और जनादेश की चोरी के खिलाफ संघर्ष तेज
रायगढ़।
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के सवाल को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर तीखी हलचल देखने को मिल रही है। जयमाला सिंह ने “वोट चोर गद्दी छोड़ो” नारे के साथ राष्ट्रीय स्तर पर अभियान में शामिल होकर आवाज बुलंद किया। इस सिलसिले में जयमाला सिंह ने कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय इंदिरा भवन, नई दिल्ली एआईसीसी में सचिन पायलट ,पूर्व राष्ट्रीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष सहित कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की और मौजूदा राजनीतिक हालात पर गंभीर चर्चा की। इस दौरान यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि जनादेश की चोरी और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ अब लड़ाई सड़कों से लेकर और जनता के बीच हर मंच पर लड़ी जाएगी।

जयमाला सिंह ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की सुनियोजित कोशिशें की जा रही हैं। चुनावी प्रक्रियाओं पर सवाल, जनता के मत की अनदेखी और सत्ता में बने रहने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाना लोकतंत्र के लिए घातक है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वोट जनता का अधिकार है और उस वोट की चोरी करके कोई भी सरकार नैतिक रूप से सत्ता में बने रहने का अधिकार खो देती है। इसलिए आज देश की आवाज बन चुका नारा है वोट चोर, गद्दी छोड़ो।

जयमाला सिंह ने कहा कि देश की जनता अब सब कुछ समझ रही है और लोकतंत्र को कमजोर करने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर खड़ी होगी। जयमाला सिंह ने विशेष रूप से महिलाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा में महिलाओं की भागीदारी हमेशा निर्णायक रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने दिल्ली के रामलीला मैदान से जिस वोट चोर गद्दी छोड़ मुहिम की शुरुआत की है यह देश की आवाज बनते जा रही है। देश की महिलाएं महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक अन्याय से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। उसी तरह वे लोकतंत्र पर हो रहे हमलों को भी बखूबी समझ रही हैं।





