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छात्र जीवन से जमीनी संघर्ष..मध्यमवर्गीय परिवार की पृष्ठभूमि.. सतेंद्र राजवाड़े बने भाजयुमो के नए जिलाध्यक्ष.. ये केवल भाजपा में ही संभव…

अनूप बड़ेरिया

भारतीय जनता युवा मोर्चा के नए जिलाध्यक्ष सतेन्द्र राजवाड़े होंगे। छात्र जीवन मे जमीनी संघर्ष के साथ मध्यमवर्गीय किसान परिवार से आने वाले सतेन्द्र पार्टी के प्रति पूरी निष्ठा व समपर्ण के साथ करते रहे जिसका इनाम आज उन्हें जिलाध्यक्ष के रूप में मिला और ये केवल भारतीय जनता पार्टी में ही हो सकता है।

सतेंद्र राजवाड़े छात्र जीवन में विद्यार्थी परिषद से जुड़े. इसके बाद वर्ष 2011 में इन्होने युवा मोर्चा के माध्यम से राजनीति में प्रवेश किया।
2013 में युवा मोर्चा बैकुंठपुर मण्डल में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। कार्यक्रमों में अच्छी सक्रियता दिखाते हुए संगठन में अपनी पहचान बनाने में सफल रहे।
वर्ष 2016 में बैकुंठपुर मण्डल में इन्होने मण्डल महामंत्री के रूप में पदभार सम्हाला। लगातार 4वर्षों तक इस पद पर रहते हुए संगठन द्वारा दिए गए जिम्मेदारी का निर्वहन किया. अपनी सरल सहज़ छवि के कारण इनकी ग्रामीण युवाओं में अच्छी पहचान बनती गयी. मूल रूप से किसान परिवार से होने के कारण सतेंद्र को राजनितिक क्षेत्र में कार्य करते हुए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा किन्तु एक निष्ठांवान और समर्पित कार्यकर्त्ता भाव ने पार्टी में आगे बढ़ने से रुकने नहीं दिया. 2021 में सतेंद्र राजवाड़े को जिले में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली और विपक्ष में रहते हुए जनहित के मुद्दों को उठाते हुए सतेंद्र लगातार सक्रिय रहे. 2023 में सतेंद्र राजवाड़े को युवा मोर्चा का प्रदेश कार्य समिति सदस्य बनाया गया. विधानसभा चुनाव से पहले सतेंद्र को युवा मोर्चा द्वारा भटगांव विधानसभा का प्रभारी बनाया गया, जहाँ उन्होंने बूथ प्रबंधन पर अच्छा कार्य किया.
इसके बाद बैकुंठपुर एवं भरतपुर सोनहट विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में इन्होने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई.
लगातार संगठन कार्यों में लगे रहने और अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय संगठन के देने का परिणाम है कि आज एक सामान्य किसान परिवार का युवा भारतीय जनता युवा मोर्चा कोरिया जिले का जिलाध्यक्ष नियुक्त हुआ.
निश्चित ही युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी चुनौतीपूर्ण है किन्तु लोप्रोफाइल जीवन शैली और जन संपर्क का सतेंद्र की अपनी रणनीति उन्हें इस भूमिका में भी खरा साबित कर सकती है।
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्त्ता एवं उनके समर्थकों में खासकर युवावर्ग में इस नियुक्ति से काफ़ी उत्साह है।

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