
सोनहत अस्पताल में लंबे समय से ठप सोनोग्राफी सेवा पर पूर्व विधायक गुलाब कमरो का हमला… कहा जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही सरकार
पूर्व सरकार ने दिलाई थी सोनोग्राफी की सुविधा वर्तमान ने की बन्द यह कैसा सुशासन
नए साल में मकर संक्रांति के पूर्व शुरू हो सेवा और सप्ताह में 3 दिन मिले लाभ अन्यथा हजारों कार्यकर्ताओ के साथ घेरेंगे सीएमएचओ कार्यालय
अनूप बड़ेरिया
कोरिया। कोरिया जिले के सोनहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से बंद पड़ी सोनोग्राफी सुविधा को लेकर पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इसे क्षेत्रीय जनता के साथ सरासर अन्याय करार देते हुए एक बड़ा बयान जारी किया है।
मरीजों की बदहाली पर जताई चिंता
सोनोग्राफी सेवा बंद होने के कारण गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को 50-60 किलोमीटर दूर बैकुंठपुर या अन्य निजी केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, बल्कि समय पर इलाज न मिलने से मरीजों की जान भी जोखिम में है
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कहा कि सोनहत के ग्रामीण और आदिवासी अंचल के लोग सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के भरोसे रहते हैं। अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन होने के बावजूद उसका लाभ न मिलना प्रशासन की बड़ी विफलता है
विधायक ने उठाये कई सवाल
*प्रशासन की उदासीनता:* कमरो ने आरोप लगाया कि मशीन और सेटअप उपलब्ध होने के बाद भी ऑपरेटर या रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था न करना शासन की मंशा पर सवाल उठाता है।
निजी केंद्रों को फायदा: उन्होंने अंदेशा जताया कि सरकारी मशीन को जानबूझकर बंद रखा गया है ताकि निजी क्लीनिकों को फायदा पहुंचाया जा सके।
आंदोलन की चेतावनी:
पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही सोनोग्राफी की सुविधा सुचारू रूप से शुरू नहीं की गई, तो वे जनता व हजारों कार्यकर्ताओ के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे और सीएमएचओ कार्यालय का घेराव भी करेंगे।
विकास के दावों पर सवाल
श्री कमरो ने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर पहले से मौजूद बुनियादी सुविधाएं भी दम तोड़ रही हैं। पूर्व विधायक ने कहा कि पूर्व सरकार में मैंने विधायक रहते जनता की मांग पर यह सेवा उपलब्ध कराई थी लेकिन सरकार बदलते सेवा पर ग्रहण लग गया और व्यवस्था बन्द हो गई कमरो ने कहा कि यह कैसी व्यवस्था है और यह कैसा सुशासन जहां पहले से चालू व्यवस्थाओं को भी बन्द किया जा रहा है उन्होंने मांग की है कि जिला प्रशासन तत्काल संज्ञान लेकर व्यस्था को सुचारू रूप से चालू करे और सप्ताह में कम से कम 3 दिन सेवा का लाभ मिले जिससे गरीब और दूर दराज के ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके
….……जब रोने लगी थी महिला
कुछ दिवस पूर्व एक मामला आया था जब रामगढ़ से सोनोग्राफी कराने आई महिला को यह पता चला कि यहां तो सोनोग्राफी विगत कई महीनों से बन्द है, महिला ने बताया कि उसे तकलीफ ज्यादा है और सोनोग्राफी कराना आवश्यक है सोनहत आने के बाद जब उसे पता चला कि यहां तो सोनोग्राफी बन्द है तो वह मायूस हो गई ,और अचानक उसके आंखों में आंसू आ गए आस पास के लोगो ने उसे बैकुण्ठपुर चले जाने की सलाह दिया जिस पर महिला ने बड़े दुखी मन से कहा कि “बैकुण्ठपुर जाने के लिए मेरे पास पैसे नही है साहब” महिला के इस वाकया ने सभी को कुछ देर के लिए भावुक कर दिया , जिसके बाद यूथ कांग्रेस ने बाकायदा एस डी एम सोनहत को ज्ञापन कर सोनोग्राफी व्यवस्था चालू कराने मांग किया था लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नही की गई।




