
मनरेगा बचाओ संग्राम: ग्राम ‘नगर’ में एआईसीसी सचिव जरिता लैतफलांग का आगमन,भाजपा की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई…
लाल दास महंत कल्ला की रिपोर्ट
कोरिया/आज ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत ग्राम नगर में एआईसीसी सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी जरिता लैतफलांग का गरिमामय आगमन हुआ। इस दौरान उन्होंने रोजगार गारंटी योजना के श्रमिकों और ग्रामीण जनों से सीधा संवाद किया और बताया कि कैसे मोदी सरकार ‘VB G RAM G’ जैसे काले नियमों के जरिए गरीबों के ‘काम के अधिकार’ को छीनने का प्रयास कर रही है। ग्रामीणों को बताया कि मोदी सरकार ‘सुधार’ के नाम पर जो नया बिल लाई है, वह असल में गरीबों के लिए। 100 से 125 दिन काम देने की बात सिर्फ एक चुनावी चालाकी है। हकीकत यह है कि पिछले 11 सालों में मोदी सरकार औसत 38 दिन भी काम नहीं दे पाई है।
नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों का उत्साहवर्धन:
आज के इस विशेष अवसर पर नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। माननीया प्रभारी जी ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के लिए कमर कस कर मैदान में उतरने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि पंचायत स्तर पर इस आंदोलन को और भी तेज करना है।
कांग्रेस की मांगें:
मनरेगा को पुनः संवैधानिक गारंटी का दर्जा मिले।
श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी ₹400 प्रतिदिन की जाए। काम देने में की जा रही अघोषित कटौती तत्काल बंद हो।
जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता,पूर्व विधायक अंबिका सिंह,महामंत्री बृजवासी तिवारी,नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष बिहारी राजवाड़े,आशीष यादव,अजीत लकड़ा,सुरेश सिंह,कृष्ण कुमार राजवाड़े,साहब अख्तर, विकास श्रीवास्तव, राजेश पैकरा,रामसाय सोरी,संतोष गोयन,चांदनी सोनी,मुख्तार अहमद,धीरज सिंह,हेमसागर यादव,भूपेंद्र यादव,सुमन दुबे,प्रदीप राजवाड़े, गणेश राजवाड़े एवं ग्राम पंचायत नगर के ग्रामवासी उपस्थित रहे।




