
रायगढ़ के बाजार में छोटे नोटों और सिक्कों की कमी से व्यापारी परेशान…. स्टेट बैंक प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
रायगढ़ – छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज की रायगढ़ जिला इकाई के उपाध्यक्ष मनोज बेरिवाल ने शहर के बाजारों में छोटे नोटों और सिक्कों की गंभीर कमी को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से रायगढ़ के व्यापारियों को चिल्लर की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिससे दैनिक व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और व्यापारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को भी असुविधा हो रही है।

मनोज बेरिवाल ने बताया कि शहर के अधिकांश बाजारों में 1 रुपये, 2 रुपये, 5 रुपये और 10 रुपये के सिक्कों तथा 10, 20 और 50 रुपये के छोटे नोटों की भारी कमी देखी जा रही है। किराना दुकानों, सब्जी मंडियों, मेडिकल स्टोर, पान दुकानों और छोटे व्यापारियों को ग्राहकों को पैसे वापस देने में काफी परेशानी हो रही है। कई बार व्यापारियों को ग्राहकों से बहस तक की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, जिससे बाजार का माहौल भी प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स की रायगढ़ इकाई द्वारा पिछले 17 से 20 दिनों से लगातार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रायगढ़ मुख्य शाखा से अनुरोध किया जा रहा है कि व्यापारियों की सुविधा के लिए पर्याप्त मात्रा में छोटे नोट और सिक्के उपलब्ध कराए जाएं। लेकिन अब तक बैंक प्रबंधन द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उपाध्यक्ष मनोज बेरिवाल ने आरोप लगाया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा द्वारा हर बार चिल्लर की उपलब्धता को लेकर अलग-अलग बहाने बनाए जा रहे हैं, जबकि बैंक का यह दायित्व है कि वह बाजार की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में छोटे नोट और सिक्के उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि बैंक की इस उदासीनता के कारण व्यापारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि बाजार की व्यवस्था सुचारु रखने के लिए बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि समय पर चिल्लर उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो व्यापारिक गतिविधियां बाधित होती हैं और इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है।
वहीं, व्यापारिक सूत्रों का कहना है कि जहां एक ओर आम व्यापारियों को चिल्लर उपलब्ध कराने में बैंक प्रबंधन असमर्थता जता रहा है, वहीं दूसरी ओर अपने कुछ नजदीकी लोगों को स्टेट बैंक द्वारा चिल्लर उपलब्ध कराई जा रही है। यदि यह बात सही है तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और पक्षपातपूर्ण व्यवहार माना जाएगा।
मनोज बेरिवाल ने बैंक प्रबंधन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करते हुए रायगढ़ के व्यापारियों को पर्याप्त मात्रा में छोटे नोट और सिक्के उपलब्ध कराए जाएं, ताकि बाजार की व्यवस्था सामान्य हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो चैम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी और व्यापारी इस विषय में आगे की रणनीति बनाने को विवश होंगे।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करना बैंक की जिम्मेदारी है और यदि बैंक इस दिशा में संवेदनशीलता नहीं दिखाता है तो चैम्बर इस मुद्दे को उच्च स्तर तक भी उठाने से पीछे नहीं हटेगा।




