भाजपा को झटका: शाहिद अशरफी ने छोड़ी प्राथमिक सदस्यता, कांग्रेस में जाने के संकेत तेज
कोरिया जिले की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भाजपा के सक्रिय और जमीनी कार्यकर्ता शाहिद अशरफी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले के बाद अब उनके कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और क्षेत्र में प्रभावशाली पहचान रखने वाले योगेश शुक्ला (रनई जमींदार) से मुलाकात के बाद यह कयास और मजबूत हो गए हैं कि शाहिद जल्द ही कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं।
शाहिद अशरफी को विधायक भैयालाल राजवाड़े द्वारा जिला अस्पताल के लिए विधायक प्रतिनिधि नियुक्त किया गया था। इस जिम्मेदारी को उन्होंने पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाया। मरीजों की समस्याओं के समाधान के लिए वे अक्सर आधी रात को भी पैदल जिला अस्पताल पहुंच जाते थे। उनकी सेवा भावना और मानवीय दृष्टिकोण ने उन्हें आम जनता और अस्पताल स्टाफ के बीच खास पहचान दिलाई।
मृदुभाषी और सहयोगी स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले शाहिद, भाजपा के हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाते रहे। बावजूद इसके, पार्टी संगठन में उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया। किसी भी प्रकोष्ठ या मोर्चे में उन्हें जिम्मेदारी नहीं दी गई।
बताया जाता है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कोरिया दौरे के दौरान भी उन्हें तवज्जो नहीं मिलने से वे आहत थे, जो उनके इस फैसले की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। उन्होंने भाजपा में अपने अब तक के सफर के लिए विधायक भैयालाल राजवाडे व पूर्व नपा अध्यक्ष शैलेष शिवहरे को धन्यवाद भी दिया है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि शाहिद अशरफी कब और किस मंच से कांग्रेस में औपचारिक रूप से शामिल होते हैं।




