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सच की कीमत: पत्रकार पर जानलेवा हमला, थाने में FIR तक नहीं — क्या पशु तस्करी पर पोस्ट बना वजह?

अनूप बड़ेरिया
कोरिया | सोनहत क्षेत्र से सनसनीखेज मामला
कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र में पत्रकारिता पर एक गंभीर हमला सामने आया है, जहां सच उजागर करना एक पत्रकार को भारी पड़ गया। करीब दो महीने पुरानी खबर को लेकर स्थानीय पत्रकार शैलेश चंद्र गुप्ता पर खुलेआम जानलेवा हमला किया गया। घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि शिकायत के बावजूद थाने में FIR दर्ज नहीं की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पत्रकार को मुख्य मार्ग पर रोककर आरोपी राजेंद्र प्रसाद साहू ने हमला कर दिया। आरोप है कि पहले उन्हें सड़क पर पटक दिया गया, फिर लोहे की रॉड, डंडों और धारदार हथियार (चाकू) से हमला करने की कोशिश की गई। यह पूरी घटना खुलेआम सड़क पर हुई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों का इरादा गंभीर नुकसान पहुंचाने का था, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों के हस्तक्षेप से किसी तरह पत्रकार की जान बच सकी। हमले में उन्हें सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
थाने में भी नहीं मिली राहत
घटना के बाद घायल पत्रकार अपने परिजनों के साथ सोनहत थाने पहुंचे, लेकिन वहां का रवैया और भी चौंकाने वाला रहा। आरोप है कि थाना प्रभारी मौके पर मौजूद नहीं थे और सिपाही सादे कागज पर बयान लिखते रहे। बाद में जब टीआई पहुंचे, तो आरोपी पक्ष का व्यक्ति भी उनके पास बैठा मिला।
पीड़ित का आरोप है कि FIR दर्ज करने के बजाय पुलिस ने उल्टा उनसे ही कड़ी पूछताछ शुरू कर दी। टीआई द्वारा घटना से हटकर पुरानी खबरों पर सवाल उठाए गए और प्रमाण मांगे जाते रहे।
इतना ही नहीं, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पत्रकार को तुरंत अस्पताल नहीं भेजा गया, बल्कि घंटों थाने में खड़ा रखकर पूछताछ की जाती रही। परिजनों द्वारा बार-बार FIR दर्ज करने की मांग करने पर पुलिस का रवैया और सख्त हो गया। इस दौरान महिलाओं के साथ अभद्रता के भी आरोप लगे हैं।
हालत गंभीर, जिला अस्पताल रेफर
आखिरकार निराश होकर परिजन घायल पत्रकार को अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने सिर में गंभीर चोट को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। चिकित्सकों ने सिटी स्कैन कराने की सलाह दी है।
SP से लगाई गुहार
थाने में न्याय नहीं मिलने पर पीड़ित पत्रकार ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दी। एसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
क्या पशु तस्करी पर पोस्ट बना हमला का कारण?
सूत्रों के अनुसार, सोनहत क्षेत्र में रात के समय मुख्य मार्ग से पशु तस्करी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। पत्रकार शैलेश गुप्ता ने इस मुद्दे को लेकर व्हाट्सएप ग्रुप्स में पोस्ट भी किया था। माना जा रहा है कि यही पोस्ट हमले की वजह बन सकती है।
बड़े सवाल
यह घटना न केवल पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि पुलिस की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर भी गंभीर चिंता पैदा करती है।
क्या पुलिस निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगी?
या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर आक्रोश और असुरक्षा का माहौल है।

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