
“टीकाकरण में लापरवाही पर कलेक्टर का सख्त एक्शन: पशु औषधालय में औचक जांच, कर्मचारियों को लगाई फटकार”
अनूप बड़ेरिया
कोरिया जिले में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने गुरुवार को चिरमी स्थित पशु औषधालय केंद्र का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर के अचानक पहुंचने से केंद्र में मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और व्यवस्था संभालने की हड़बड़ी साफ नजर आई।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने रजिस्टर पंजी, दवा वितरण व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं की गहनता से जांच की। पंजी रजिस्टर के अवलोकन के दौरान जब टीकाकरण की प्रगति धीमी पाई गई, तो उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिला पशुधन विकास विभाग के उप संचालक को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के सभी पशु औषधालयों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि व्यवस्थाओं में सुधार हो सके। उन्होंने दवाइयों की उपलब्धता के साथ उनकी एक्सपायरी डेट की भी बारीकी से जांच की और लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।
इस दौरान कलेक्टर ने पशु कल्याण समिति और गौधाम समिति के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निराश्रित एवं घुमंतू गौवंश के संरक्षण, वैज्ञानिक तरीके से नस्ल सुधार, चारा विकास और पशुधन आधारित उत्पादों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों पर विशेष जोर दिया।
कलेक्टर ने अधिकारियों से यह भी जानकारी ली कि पशु स्वास्थ्य, प्रजनन, पोषण, दुग्ध उत्पादन वृद्धि, कृत्रिम गर्भाधान, पशु चिकित्सा उपचार, चारा विकास, कुक्कुट पालन और बकरी पालन जैसी योजनाओं का लाभ कितने हितग्राहियों तक पहुंच रहा है।
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने जिला पशुपालन विभाग की उप संचालक डॉ. विभा बघेल को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार लाया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि लगातार प्रयासों से ही ग्रामीणों की आय बढ़ेगी और पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।




