♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

“अस्पतालों में लापरवाही पर कलेक्टर का छापा: डॉक्टर गायब, गंदगी पर भड़कीं—नोटिस और कड़ी कार्रवाई के निर्देश”

अनूप बड़ेरिया
कोरिया जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल उस वक्त खुल गई, जब कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने बीती सुबह पोड़ी-बचरा और चिरमी स्वास्थ्य केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई डॉक्टर और कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले, वहीं अस्पतालों में गंदगी और अव्यवस्था का गंभीर हाल सामने आया। हालात देखकर कलेक्टर ने मौके पर ही सख्त नाराजगी जताते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।


🔹 अनुपस्थित डॉक्टरों पर गिरी गाज
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोड़ी-बचरा में बीएमओ डॉ. बृजेश साहू, मेडिकल ऑफिसर डॉ. जितेंद्र सिंह और डॉ. रोहित शर्मा, फार्मासिस्ट धातेश्वर सिंह सराठिया तथा नेत्र सहायक रोशन कुमार ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिरमी में भी मेडिकल ऑफिसर डॉ. विक्रम निराला और स्टाफ नर्स चंदारानी गैरहाजिर मिले।
🔹 गंदगी और अव्यवस्था पर भड़कीं कलेक्टर
निरीक्षण के दौरान जब कलेक्टर वार्डों में पहुंचीं, तो गंदे बेडशीट, बिखरे बिस्तर, भोजन स्थल पर फैली गंदगी और दवाइयों के अव्यवस्थित रखरखाव को देखकर वे भड़क उठीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों के साथ इस तरह की लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
🔹 सीएमएचओ को सख्त निर्देश, नोटिस जारी करने के आदेश
कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. प्रशांत सिंह को निर्देशित करते हुए सभी अनुपस्थित डॉक्टरों और कर्मचारियों को तत्काल शो-कॉज नोटिस जारी करने के आदेश दिए। साथ ही उन्होंने सीएमएचओ की जवाबदेही तय करते हुए जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा।


🔹 अस्पताल प्रबंधन को चेतावनी
अस्पताल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए कलेक्टर ने चेतावनी दी कि यदि साफ-सफाई और व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो सीधे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल जनता के भरोसे का केंद्र है और यहां लापरवाही की कोई जगह नहीं है।
🔹 शिशुवती महिलाओं से संवाद, योजना की जानकारी
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती शिशुवती महिलाओं से मुलाकात कर उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पहले बच्चे के लिए 5,000 रुपये की सहायता तीन किश्तों में दी जाती है।
🔹 “स्टाफ की मौजूदगी से आधी समस्या खत्म”
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने साफ कहा कि अस्पतालों में डॉक्टरों और स्टाफ की समय पर मौजूदगी से ही मरीजों की आधी परेशानी दूर हो जाती है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को नियमित जांच, बेहतर उपचार और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए, अन्यथा जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई तय है।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

Please Share This News By Pressing Whatsapp Button



स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

जवाब जरूर दे 

[poll]

Related Articles

Back to top button
Don`t copy text!
Close