
कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर भाजपा के पास खोने के लिए कुछ नहीं …… विधायक सहित जिला कांग्रेस सीट बचाने कितना गंभीर …. विधायक प्रकाश नायक और वरिष्ठ नेता अनिल शुक्ला की … राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म ये की
रायगढ़।
रायगढ़ जिले के जिला मुख्यालय रायगढ़ नगर पालिक निगम में 2 सीटों पर उप चुनाव की सरगर्मियां बढ़ गई है। भाजपा कांग्रेस के बीच जोगी काँग्रेस भी दखल दे चुकी है। चुनावों में अक्सर देखा जाता है कि मुकाबला आमने सामने का ही अक्सर होता है। रायगढ़ नगर निगम के वार्ड नम्बर 9 और 25 में घमासान मचा हुआ है। और दोनों सीटों को लेकर कांग्रेस पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है तो भाजपा अपनी जोर आजमाइश के साथ मैदान में है। दोनों ही वार्डो में जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में खासतौर पर अगर वार्ड नम्बर 9 के परिपेक्ष्य में देखें तो जोगी कांग्रेस प्रत्याशी अपनी पूरी ऊर्जा के साथ मैदान में है। यहां ऐसी कुछ रणनीति बन रही है कि भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच से तीसरा न बुलक जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होना चाहिए। हालांकि इसकी उम्मीद कम ही मानी जा रही है। इसी क्षेत्र से पूर्व में पार्षद रहे भाजपा समर्थित श्रवण सिदार पार्षद न रहते हुए भी वार्डवासियों की सेवा में लगे रहते रहे हैं यही उनकी प्लस पॉइंट बताई जा रही है हालांकि यह राजनीति है अंतिम समय तक दावे के साथ कह पाना जरा कठिन है।

ऐसा ही कुछ वार्ड क्रमांक 25 में है यहां दोनों प्रत्याशी भाजपा की उपज हैं भले ही सपना सिदार कांग्रेस प्रवेश कर भाजपा के लिए ही परेशानी की सबब बन सकती हैं। रही बात रायगढ़ में दो वार्डो में होने वाली चुनाव को लेकर जीत हार के अंतर के आंकडे बहुत ज्यादा नहीं होने की बात कही जा रही है। वार्ड 25 में कांग्रेस से ज्यादा भाजपा की जोर आजमाइश सामने आ रही है। वार्ड नम्बर 25 से भाजपा समर्थित प्रत्याशी रश्मि वर्मा और भाजपा से कांग्रेस का दामन थामने वाली नेत्री सपना सिदार मैदान में है।
इन दोनों वार्ड में भाजपा और कांग्रेस का अंतर्द्वंद शुरू हो चुका है इन दोनों वार्डो पर राजनीति की डोर बंधी हुई है कांग्रेस के लिए जहां एक तरफ इन दोनों वार्ड से जीत जरूरी है और यह उप चुनाव कांग्रेस के लिए बड़ी प्रतिष्ठा का विषय भी है । सीट खोने पर कांग्रेस को भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है वही दूसरी ओर भाजपा के लिए खोने जैसी कोई बात नही है।
रायगढ़ के दो वार्डो 9 व 25 का चुनाव भाजपा के लिए जीत पर बल्ले बल्ले रहेगी सीट नहीं भी जीत पाती है तो खोने के लिए कुछ नहीं होगा वहीं कांग्रेस के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का विषय है। कांग्रेस को दोनो सीट को जीत कर लाना सबसे बड़ी चुनौती है। अगर इस उप चुनाव में भाजपा सीट नहीं भी ला पाती है तो उसकी प्रतिष्ठा पर कोई असर नहीं डालने वाला लेकिन अगर कांग्रेस इस उप चुनाव में बढ़त हासिल नहीं करती है तो उसके पास खोने के लिए बहुत कुछ है। और भाजपा के लिए भले ही खोने को कुछ नहीं है परंतु पाने के लिए बहुत कुछ है। यह उप चुनाव कई कांग्रेसियों के भविष्य को तय करेगा।
दोनो वार्डो में भाजपा कांग्रेस के साथ जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी भी मैदान में हैंलेकिन राजनीतिक विशेषज्ञों की माने तो मुख्य मुकाबला कांग्रेस व बीजेपी में ही रहेगा लेकिन यह यह राजनीति है मतदाता का मूड क्या कहता है यह कोई नही कह सकता है अभी तक दोनों वार्डो में मतदाता खामोशी से सबकी सुन रही है।







