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मनचलों को पुलिस देगी तगड़ा गिफ्ट..कोरिया पुलिस का सख्त संदेश..कोई रियायत नही..

 

लाल दास महंत कल्ला की रिपोर्ट

कोरिया/महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कोरिया पुलिस ने एक बार फिर सख्त और स्पष्ट रुख अपनाते हुए समाज को मजबूत संदेश दिया है। जिले में महिलाओं के प्रति बढ़ती जागरूकता और अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से कोरिया पुलिस द्वारा जनहित में एक रचनात्मक और प्रभावशाली पोस्टर जारी किया गया है।

इस पोस्टर के माध्यम से महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों को कड़े कानूनी परिणामों के प्रति आगाह किया गया है और यह साफ किया गया है कि महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों के लिए कानून में कोई माफी नहीं है,बल्कि सख्त सजा रूपी “गिफ्ट” तैयार है।

जारी किए गए पोस्टर में दो अलग-अलग दृश्यों को दर्शाया गया है। पहले दृश्य में एक युवक महिला को जबरन बाइक पर बैठने के लिए उकसाता हुआ नजर आता है, जो छेड़छाड़ और दबाव का प्रतीक है। वहीं दूसरे दृश्य में वही युवक पुलिस कार्रवाई का सामना करता हुआ दिखाई देता है,जिससे यह संदेश जाता है कि अपराध करने वालों को अंततः कानून के शिकंजे में आना ही पड़ता है। पोस्टर में स्पष्ट शब्दों में उल्लेख किया गया है कि महिलाओं से छेड़छाड़ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है,जिसमें दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। कोरिया पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की रचनात्मक पहल का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक कानून का संदेश सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाना है। ताकि लोग,विशेषकर युवा वर्ग, अपराध करने से पहले उसके गंभीर परिणामों को समझ सकें। पुलिस ने युवाओं को साफ संदेश दिया है कि मनचलेपन और महिलाओं के प्रति असम्मान की कोई जगह कानून में नहीं है। महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा की रक्षा करना केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत नियमित पेट्रोलिंग,महिला हेल्प डेस्क की व्यवस्था,त्वरित पुलिस कार्रवाई और लगातार जनजागरूकता अभियानों को और अधिक मजबूत किया गया है। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़,उत्पीड़न या अपराध की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। कोरिया पुलिस की यह पहल न केवल कानून का भय दिखाने का माध्यम है,बल्कि समाज में एक सकारात्मक और जरूरी संदेश भी देती है कि महिलाओं के प्रति सम्मान ही एक सभ्य और सुरक्षित समाज की असली पहचान है।

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