
नाम राम…काम रावण से भी गया बीता… एरिगेशन के इस भ्रष्टाचारी ई व 4 अन्य के खिलाफ हुई FIR… कोरिया में भी…
छग के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में जल संसाधन विभाग में पुलिया, स्लुज गेट , वेस्ट वियर निर्माण में 45 लाख रुपये का फर्जी आहरण करने के मामले में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता, ठेकेदार सहित पांच पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर लिया है ।
मिली जानकारी के अनुसार जल संसाधन विभाग के एसडीओ संजय गायकर ने शिकायत की थी कि विभाग के कार्यपालन अभियंता यूएस राम , डीए केके सुमन, ठेकेदार मजहारुल हक़ अंसारी, कलाम अंसारी व कंप्यूटर आपरेटर सुरेन्द्र कुमार सिंह ने मनरेगा के कार्यो में वाड्रफनगर विकास खण्ड के ककनेश ग्राम पंचायत में ककनेशा जलाशय पुलिया निर्माण का भुगतान ठेकेदार मजहारुल हक़ अंसारी को 17,47 665 ₹ का किया गया था।
देवीगंज वेस्ट वियर व रामचन्द्रपुर स्लुज निर्माण का भुगतान मजहारूल हक को 68,219 व ऑपरेटर सुरेन्द्र सिंह को 2,07,700 ₹ का भुगतान किया गया। सभी भुगतान बिना बिल बाउचर के किए गए। इसी प्रकार आईटी वर्ल्ड को संभागीय उप संचालक ने आपरेटर सप्लाई के लिए बिना सत्यापन के 14,7,748 ₹ का भुगतान किया गया। उपरोक्त सभी उपरोक्त भुगतान सुरेन्द्र कुमार सिंह द्वारा संभागीय लेखापाल केके सुमन कार्यापालन अभियंता यूएस राम गोपनीय डिजटल सिग्नेचर का सार्वजनिक कर संविदा नियुक्त सुरेन्द्र कुमार सिंह को प्रदाय कर शासन की राशि फर्जी रूप से पेमेंट किया गया । शिकायत सही पाये जाने व शासकीय राशि का गबन सामने आने के बाद पुलिस ने SDO संजय गायकर की रिपोर्ट पर कार्यपालन अभियन्ता यूएस राम, डीए केके सुमन, ठेकेदार मजहारुल हक अंसारी व कंप्यूटर आपरेटर सुरेन्द्र कुमार सिंह के विरुद्ध भादवि की धारा 420, 409 एवं शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1930 की धरा 5 के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना जारी कर दी है।
आपको बता दें कि यूएस राम कोरिया जिले के बैकुंठपुर में जब इसी पद पर पदस्थ रहे तब भी उनके ऊपर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लगे थे और एसीबी ने भी छापा मारा था।
