
घर-घर होगी मलेरिया की जांच.. कोरिया होगा मलेरिया मुक्त…7 लाख से अधिक की….12 हजार घरों…
स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिबद्धता से मलेरिया को मात देने में मिलेगी सफलता..
जिले के 104 गांवों के 50 हजार लोगों की होगी मलेरिया जांच…
302 दलों के द्वारा की जाएगी जांच….
12535 से अधिक घरों तक पहुंचेगा स्वास्थ्य विभाग…
मलेरिया मुक्त कोरिया अभियान का शुभारंभ मंगलवार से जिले में हो चुका है। इस अभियान में 50 हजार से अधिक लोगों की मलेरिया जांच कर उनको दवाइयां बांटी जानी है ताकि जिले को मलेरिया मुक्त बनाया जा सके।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. ए. के. करन ने बताया अभियान के दौरान 104 ग्राम के 50 हजार लोगों की मलेरिया जांच की जाएगी| जिन लोगों को जांच के बाद उपचार की जरूरत होगी, उनका उपचार निशुल्क होगा | इसके लिए प्रत्येक ग्राम में स्वास्थ्य कार्यकर्ता व मितानिन घर-घर जाकर लोगों की जांच करेंगे। जांच के लिये 302 दलों का गठन किया गया है। 30 जनवरी 2021 तक चलने वाले इस अभियान में जिले के 12,535 घरों तक स्वास्थ्य विभाग अपनी पहुंच बनाएगा।
“पूर्ण इलाज सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता मलेरिया पॉजिटिव पाए गए लोगों को पहली खुराक अपने सामने ही खिलाएंगे। स्थानीय मितानिन पीड़ितों के फॉलो-अप खुराक सेवन की निगरानी स्वयं करेगी। पीड़ितों द्वारा दवा की पूर्ण खुराक लिए जाने के बाद खाली रैपर भी संग्रहित किये जाएंगे। मलेरिया जांच वाले घरों पर स्टीकर चिपकाया जाएगा । इन स्टीकर पर दवा के खुराक की जानकारी का भी उल्लेख रहेगा,’डॉ. करन ने बताया ।
सीएमएचओ डॉ. रामेश्वर शर्मा ने जिले वासियों से अपील करते हुए कहा: “घर-घर भ्रमण के दौरान आए स्वास्थ्यकर्मी से अपनी जांच कराएं| घर या ऑफिस के आसपास पानी जमा न होने दें। नालियों को साफ रखें। जिले को मलेरिया मुक्त बनाने के लिये अपना सहयोग दें। मलेरिया मुक्त कोरिया जैसा बड़ा अभियान चलाकर ठोस रणनीति के साथ मलेरिया को यहां से मिटाने की मुहिम चलाई गई है। “
मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है मलेरिया
मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। खून के जरिए शरीर में घुसते ही विषाणु यकृत (लीवर) तक पहुंच जाते हैं। लीवर में मलेरिया का विषाणु परिपक्व हो जाता है और बच्चे पैदा करने लगता है। विषाणुओं की संख्या बढने के साथ ही शरीर बीमार होने लगता है। शुरुआत में रोगी को शरीर में दर्द के साथ बुखार, सिरदर्द, उल्टी या गले में सूखे कफ की शिकायत होती है। ऐसा होने पर अगर खून की जांच कराई जाए तो मलेरिया का पता आसानी से चल जाता है। लापरवाही की जाए या समय से इलाज न किया जाए तो रोगी की हालत गंभीर भी हो सकती है ।