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Central Pollution Control Board के मेंबर सेक्रेटरी ने कहा आप मुझे पूरी डिटेल भेजें …….सेंट्रल कमेटी से कराई जाएगी जांच …. अंधाधुंध प्रदूषण लेकिन दे रहे विस्तार पर विस्तार की अनुमति ….सारे नियम कानून को ताक पर रख …….जहरीली हवा में धकेल रहे आम जनता को ….पढ़ें पूरी खबर किसने किससे और क्या कहा

पर्यावरण मित्र के बजरंग अग्रवाल द्वारा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी से किया दूरभाष पर चर्चा,
क्षेत्र में अंधाधुंध उद्योग विस्तार और काले डस्ट की समस्या से कराया अवगत,
बोर्ड के चेयरमैन ने किया आश्वस्त सेंट्रल से टीम भेजकर कराई जाएगी जांच,

 

रायगढ़। पर्यावरण मित्र के बजरंग अग्रवाल के द्वारा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली के मेंबर सेक्रेटरी डॉ प्रशांत भार्गव से दूरभाष पर रायगढ़ में पर्यावरण प्रदूषण को लेकर विस्तार से चर्चा किया। उन्होंने बताया कि किस तरह से रायगढ़, तमनार, घरघोड़ा क्षेत्र में पूर्व में हुए खड़कपुर की टीम के अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्र में औद्योगिक प्रदूषण के खतरनाक स्तर का हवाला देते हुए किसी भी तरह से नए उद्योग व पुराने उद्योगों के विस्तार की अनुमति नहीं देने की बात अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया गया था। बावजूद इसके रायगढ़ खरसिया तमनार घरघोड़ा क्षेत्र के आसपास में लगातार उद्योगों की विस्तार कराए जा रहे हैं और लगातार जनसुनवाईयों का आयोजन किया जा रहा है ।

जिलेवासी खास तौर पर रायगढ़ शहर तमनार घरघोड़ा, खरसिया के 20 किलोमीटर के दायरे में काले डस्ट की भयावतः से अवगत कराया । जिले में किस तरह जहां तहां फ्लाई ऐश डंप करने और फ्लाई ऐश निर्धारण के नियमों का किस तरह से माखौल उड़ाया जाकर तमाम नियमों की अनदेखी का असर जन जीवन पर किस तरह पड़ रहा इन तमाम मुद्दो पर पर्यावरण मित्र के बजरंग अग्रवाल केंद्रीय पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड के मेंबर सेक्रेट्री के समक्ष विस्तार से बात रखा। और बताया कि किस तरह से रोजाना सफाई के बाद भी 24 घंटे में काले डस्ट की परत बिछ जाती है। बजरंग अग्रवाल के द्वारा बोर्ड के
मेंबर सेक्रेट्री से विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि क्षेत्र की सभी फैक्ट्रियों में पर्यावरण प्रदूषण का अध्ययन करने व जांच करने के लिए भारी-भरकम राशि दी गई थी किंतु यह सब महज कागजों तक ही सिमट कर रह गया है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण मंडल के द्वारा शिकायत करने पर टीम तो जरूर भेजी जाती है किंतु वह खानापूर्ति कर चली जाती है। उन्होंने इस बात पर भी गहरी चिंता जताई की जनसुनवाई के लिए तैयार की गई ईआईए रिपोर्ट कॉपी पेस्ट के अलावा और कुछ नहीं होता। इसके अलावा ईआईए रिपोर्ट का उद्योगों द्वारा एक प्रतिशत भी पालन नहीं किया जाता है। यहां तक की क्षेत्र के 33% क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट बनाने की कवायद भी महज कागजों में ही सिमट कर रह गई है। इसके अलावा क्षेत्र में स्थित 90% फैक्ट्रियों के द्वारा भूजल का दोहन कर जिले को आने वाले समय में एक भीषण त्रासदी की ओर धकेला जा रहा है। उद्योगों के द्वारा भारी मात्रा में भूजल का दोहन नहीं किया जा सकता है बावजूद इसके उद्योगों द्वारा मनमानी तरीके से भूजल का दोहन किया जा रहा है। उन्होंने मेंबर सेक्रेटरी से पावर प्लांट से निकलने वाले फ्लाई एस को जहां-तहां फेंकने और इससे होने वाले प्रदूषण को लेकर भी विस्तार से चर्चा किया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली के मेंबर सेक्रेटरी श्री भार्गव ने पूरी बातों को गंभीरता से सुनकर आश्वस्त किया है कि उनकी मांग पर एक केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल को भेजकर इसकी विस्तार से जांच कराई जाएगी। बजरंग अग्रवाल ने बताया कि इन तमाम बातों को लेकर बिंदुवार मांग पत्र केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली को मेल किया जाएगा ताकि क्षेत्र में हो रहे अनियंत्रित अंधाधुन औद्योगिक प्रदूषण से निजात मिल सके। साथ ही जिले में होने वाले भूजल दोहन पर भी अंकुश लग सके और क्षेत्र वासियों को औद्योगिक प्रदूषण से कुछ हद तक राहत मिल सके।

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