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कांग्रेसी पार्षद वाले वार्डों की अनदेखी …. कांग्रेस ने लगाए आरोप कहा सेंट्रल की तर्ज पर नगरीय निकाय में भी भाजपा कर रही भेदभाव …. पढ़े पूरी खबर

शमशाद अहमद /-

रायगढ़ ।

निगम की कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया है निगम के कांग्रेसी सरकार के जनप्रतिनिधि यों द्वारा प्रेस कांफ्रेंस कर प्रदेश की भाजपा सरकार के द्वारा सेंट्रल की भाजपा सरकार की नीति अपनाई जा रही है और यही वजह से है कांग्रेसी पार्षद वाले वार्डों को छोड़कर शेष भाजपा पार्षद वाले वार्डों के विकास के लिए अधोसंरचना मद से भारी भरकम राशि दी गई किंतु जिन वार्डो में कांग्रेस के पार्षद है उन वार्डो को छोड़ दिया गया।

राज्य सरकार के द्वारा अधोसंरचना मद से रायगढ़ नगर निगम में विकास कार्य के लिए कांग्रेसी पार्षद के 26 वार्डों में प्रशासन के द्वारा अधो संरचना मद से विकास कार्य के लिए कोई राशि प्रदान नहीं की गई जबकि इसी अधो संरचना मद से केवल भाजपा पार्षद के 22 वार्ड में लगभग 20 लख रुपए प्रति वार्ड के हिसाब से लगभग 438.8 1 लाख का कार्य स्वीकृत किया गया है जबकि पूर्व में कांग्रेस शासन के समय राज्य शासन के द्वारा सभी वार्डों के विकास के लिए पहले 8, 00,000 रु सभी वार्डों में दिया गया एवं समय-समय पर आवश्यकता अनुसार शासन की सभी योजनाओं से राजनीति से ऊपर उठकर शहर विकास हेतु सभी वार्डों में समान राशि प्रदान की गई कांग्रेस कार्यकाल में शहर विकास हेतु पार्षद निधि जो 4 लाख से बढ़कर ₹6 लाख रुपए किया गया जो की सभी दलों के लिए था किंतु उक्त राशि को भी बीजेपी द्वारा षड्यंत्र कर उक्त राशि पार्षद निधि एवं बढ़ाई हुई राशि को आज तक आवंटित नहीं किया गया है।


इसे लेकर आज कांग्रेस के द्वारा जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी देते हुए भाजपा सरकार पर कांग्रेसियों के साथ पक्षपात का आरोप लगाया।

सभापति जयंत ठेठवार ने भाजपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि क्या कांग्रेसी पार्षद वार्ड से भाजपा को वोट नहीं मिले भाजपा के द्वारा सिर्फ भाजपा समर्थित वार्डो में जहां भाजपा के पार्षद है उन्हीं वार्डों को शासन द्वारा राशि आवंटित की गई है। जो राशि आई है उसके बारे में तब पता चला जब राशि का आबंटन की सूचना आई और इसके लिए निविदा की प्रक्रिया आरंभ की गई। जबकि शेष जहां कांग्रेसी पार्षद है उन वार्डों के लिए शासन द्वारा कोई भी फंड नहीं दिया गया है।


नियमों को दरकिनार करते हुए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया कांग्रेस के शासन काल में कभी ऐसा नहीं हुआ। भाजपा के शासन काल में ऐसा ही हो रहा है।
स्पष्ट रूप से नियमों की अनदेखी की गई है एमआईसी की अनदेखी की गई है 20/25 साल में ऐसा कभी नहीं हुआ है।
मार्च में पार्षद निधि का फंड आना था जो आज तक नहीं आया है इस पर भी सवाल खड़ा करते हुए सभापति नेंएल कहा इसके लिए मुख्य मंत्री भी दोषी हैं।

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