
मरीन ड्राइव के लिए तोड़फोड़ पर सियासत हुई गर्म …..कांग्रेसी नेताओं की जबरदस्त विरोध …रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी के खिलाफ लोगों में नाराजगी .. कालोनाइजर को लाभ पहुंचाने हो रही तोड़फोड़…प्रदेश का ग्रेस कमेटी द्वारा तोड़फोड़ को लेकर जांच हेतु गठित की कमेटी
रायगढ़। छठ घाट से शनि मंदिर तक बनने वाली मरीन ड्राइव को लेकर सियासत लगातार भड़क रही है। कांग्रेस इस मामले में लगातार हमलावर है। जिला कांग्रेस कमेटी तोड़फोड़ को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। विरोध जताने गए कांग्रेसियों को गिरफ्तार करवा कर उर्दना पुलिस लाइन भेज दिया गया था जहां देर दोपहर सबको छोड़ दिया गया।
कांग्रेसियों ने शहर की भाजपा सरकार के खिलाफ गरीबों के मकान तोड़फोड़ के मामले में आड़े हाथ लिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने इस तोड़फोड़ को लेकर प्रभावितों के साथ आवाज बुलंद किया। कांग्रेसी नेताओं ने रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। कांग्रेसियों ने प्रशासन पर कालोनाइजर को लाभ पहुंचाने के लिए 18 की जगह 25 से 30 मीटर लिया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस ने रायगढ में मरीन ड्राइव बनाने हेतु निगम प्रशासन द्वारा जूटमिल कयाघाट प्रगति नगर में की गई बड़ी तोड़फोड़ की घटना के बाद एक जॉच टीम गठित की ही गई थी कि घटना से क्षुब्ध मोहल्ले वासियों ने पुनः नोटिस प्राप्त होने की सूचना और काफी बड़ी तोड़फोड़ होने के संकेत दिए जिसमे कांग्रेस नेताओं ने बड़ी संख्या ।के मौके पर पहुंचकर अव्यवहारिक तोड़फोड़ कार्यवाही का विरोध किया मौके पर एस डी एम व आयुक्त नगर निगम से बात कर ये जानकारी चाही कि आखिर इस तोड़फोड़ पर शहर सरकार की मंशा मरीन ड्राइव बनाना है या रसूखदार कालोनाइजरों को चौड़ी सड़क बनाकर फायदा पहुंचना है प्रशासन से पूछा कि तोड़फोड़ कर कितनी भूमि में मरीन ड्राइव बनेगा उसका नक्शा मांगा गया चूंकि आयुक्त अपने जवाब से न तो कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संतुष्ट कर पाए न ही जिनके घर टूटने हैं उन्हें संतुष्ट कर पाए ऐसी स्थिति में भीड़ उत्तेजित होकर जिला प्रशासन की कार्यवाही को अव्यवहारिक मानते हुए तोड़फोड़ को तत्काल रोकने हेतु कहा साथ ही कहा कि हम आपकी कार्यवाही को भेद नहीं भाव वाली कार्यवाही व विधि अनुरूप नहीं मानते क्योंकि आप 18 मीटर की बात कहकर 25-30 मीटर तक निशान लगवाए है जो हम सब मोहल्लेवासियों के साथ न केवल अन्याय है वरन जरूरत से ज्यादा माप है यदि आपकी माप का यही पैमाना है तो दूसरे मरीन ड्राइव में बन रहे नालंदा लाइब्रेरी परिसर को पहले तोड़ा जाए अब चूंकि नालंदा मंत्री महोदय का ड्रीम प्रोजेक्ट है इसलिए आयुक्त महोदय ने अपनी कही बातों में फंसता देख बातों को यू टर्न लेकर घुमा दिया।
जबकि देखा जाए तो नदी की जद में ही विरास्तकालींन महल बने हुए हैं केलो पूल के नीचे ही निगम द्वारा बनी कई दूकाने भी है वहीं यहां कयाघाट प्रगतिनगर के बाशिंदों को रोज रोज नोटिस देकर परेशानी में डाला जा रहा है। अब प्रशासन अपनी मंशा स्पष्ट करे कि वह चाहता क्या है वहीं मोहल्ले के लोगों का ये कहना कि भाजपा पार्टी से जुड़े लोगों को संरक्षण मिल रहा है जिसका भी हम विरोध करते है।आज की कार्यवाही में जिला प्रशासन ने मोहल्लेवासियों की पीड़ा को भी नहीं समझा रोती बिलखती महिलाओं के दर्द को अनदेखा कर उन्हें गिरफ्तार कर अस्थायी जेल उर्दना भेज दिया जिनके साथ ही कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भी अपनी ग्रिरफ्तारी दी जिसमें पयरव शहर कांग्रेस अध्यक्ष दीपक पांडेय,पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष,जयंत ठेठवार, जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण नगेन्द्र नेगी द्वय नगेन्द्र नेगी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शुक्ला,पूर्व विधायक प्रकाश नायक, निगम नेता प्रतिपक्ष सलीम नियरिया, जिला कांग्रेस प्रभारी महामन्त्री शाखा यादव, युवक कांग्रेस प्रदेश महासचिव राकेश पांडेय, एन एस यु आई जिला अध्यक्ष आरिफ हुसैन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण गुप्ता,यतीश गांधी,संजय देवांगन,,वसीम खान, अमृत काटजू, राजू टोप्पो,संदीप अग्रवाल,राजू चौहान,साकिब,दीपक इजारदार थे व प्रदर्शन कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष अग्रवाल, दयाराम ध्रुवे,रामलाल पटेल विकास ठेठवार,विनोद कपूर,रितेश वैद्य सत्यप्रकाश शर्मा ,संगीता गुप्ता,बरखा सिंह, रानी चौहान,संजुक्ता सिंह राजपूत,रिंकि पांडेय,वीनू बेगम,अरुणा मेश्राम सहित अन्य महिला कांग्रेस सदस्य उपस्थित थे।
कांग्रेसियों ने कहा कि आनन फानन में भले ही कुछ लोगों को आवास दिला दिया गया है लेकिन अब भी कई पीड़ित हैं जो वहां जाना नहीं चाहते कईयों के परिवार बड़ा होने की वजह से ईडब्ल्यूएस मकान उनके लिए अनुकूल न होने की वजह से नहीं जाना चाह रहे। तोड़ फोड़ के पूर्व प्रभावितों और पीड़ितों को विश्वास में भी नहीं लिया गया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने भाजपा की नीति और नीयत पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि दोहरी चाल चल कर मोहल्लेवासियों को आपस में ही लड़वाया जा रहा है।
इस तोड़फोड़ को लेकर लोगों में जबरदस्त नाराजगी दिखाई दे रही है। रायगढ़ विधायक वित्त मंत्री भले ही प्रभावितों के लिए मुआवजे का भी ऐलान किया है किंतु जिस तरह से तोड़फोड़ की जा रही है इससे सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। लोगों में इस बात का ज्यादा आक्रोश है कि मरीन ड्राइव के लिए जरूरत होने वाली जमीन के लिए विस्थापन की पहले व्यवस्था कराने के बाद तोड़फोड़ किया जाना चाहिए था।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा भीषण गर्मी के दौरान अल्प समय में नोटिस देकर तोड़फोड़ मामले में जांच कमेटी का गठन किया है। जिसमे उमेश पटेल संयोजन में बनाई गई टीम में विधायक लालजीत राठिया, उत्तरी जांगड़े विधायक सारंगढ़, विद्यावती सिदार, कविता प्राण लहरे, नेता प्रतिपक्ष शेख सलीम नियरिया, कांग्रेस जिला अध्यक्ष अनिल शुक्ला एवं ग्रामीण अध्यक्ष नागेंद्र नेगी शामिल है। जिन्हे अविलंब जांच कर कमेटी को रिपोर्ट भेजने कहा गया है।
मरीन ड्राइव के लिए तोड़फोड़ पर सियासत हुई गर्म …..कांग्रेसी नेताओं की जबरदस्त विरोध …रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी के खिलाफ लोगों में नाराजगी .. कालोनाइजर को लाभ पहुंचाने हो रही तोड़फोड़…प्रदेश का ग्रेस कमेटी द्वारा तोड़फोड़ को लेकर जांच हेतु गठित की कमेटी
रायगढ़। छठ घाट से शनि मंदिर तक बनने वाली मरीन ड्राइव को लेकर सियासत लगातार भड़क रही है। कांग्रेस इस मामले में लगातार हमलावर है। जिला कांग्रेस कमेटी तोड़फोड़ को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। विरोध जताने गए कांग्रेसियों को गिरफ्तार करवा कर उर्दना पुलिस लाइन भेज दिया गया था जहां देर दोपहर सबको छोड़ दिया गया।
कांग्रेसियों ने शहर की भाजपा सरकार के खिलाफ गरीबों के मकान तोड़फोड़ के मामले में आड़े हाथ लिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने इस तोड़फोड़ को लेकर प्रभावितों के साथ आवाज बुलंद किया। कांग्रेसी नेताओं ने रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। कांग्रेसियों ने प्रशासन पर कालोनाइजर को लाभ पहुंचाने के लिए 18 की जगह 25 से 30 मीटर लिया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस ने रायगढ में मरीन ड्राइव बनाने हेतु निगम प्रशासन द्वारा जूटमिल कयाघाट प्रगति नगर में की गई बड़ी तोड़फोड़ की घटना के बाद एक जॉच टीम गठित की ही गई थी कि घटना से क्षुब्ध मोहल्ले वासियों ने पुनः नोटिस प्राप्त होने की सूचना और काफी बड़ी तोड़फोड़ होने के संकेत दिए जिसमे कांग्रेस नेताओं ने बड़ी संख्या ।के मौके पर पहुंचकर अव्यवहारिक तोड़फोड़ कार्यवाही का विरोध किया मौके पर एस डी एम व आयुक्त नगर निगम से बात कर ये जानकारी चाही कि आखिर इस तोड़फोड़ पर शहर सरकार की मंशा मरीन ड्राइव बनाना है या रसूखदार कालोनाइजरों को चौड़ी सड़क बनाकर फायदा पहुंचना है प्रशासन से पूछा कि तोड़फोड़ कर कितनी भूमि में मरीन ड्राइव बनेगा उसका नक्शा मांगा गया चूंकि आयुक्त अपने जवाब से न तो कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संतुष्ट कर पाए न ही जिनके घर टूटने हैं उन्हें संतुष्ट कर पाए ऐसी स्थिति में भीड़ उत्तेजित होकर जिला प्रशासन की कार्यवाही को अव्यवहारिक मानते हुए तोड़फोड़ को तत्काल रोकने हेतु कहा साथ ही कहा कि हम आपकी कार्यवाही को भेद नहीं भाव वाली कार्यवाही व विधि अनुरूप नहीं मानते क्योंकि आप 18 मीटर की बात कहकर 25-30 मीटर तक निशान लगवाए है जो हम सब मोहल्लेवासियों के साथ न केवल अन्याय है वरन जरूरत से ज्यादा माप है यदि आपकी माप का यही पैमाना है तो दूसरे मरीन ड्राइव में बन रहे नालंदा लाइब्रेरी परिसर को पहले तोड़ा जाए अब चूंकि नालंदा मंत्री महोदय का ड्रीम प्रोजेक्ट है इसलिए आयुक्त महोदय ने अपनी कही बातों में फंसता देख बातों को यू टर्न लेकर घुमा दिया।
जबकि देखा जाए तो नदी की जद में ही विरास्तकालींन महल बने हुए हैं केलो पूल के नीचे ही निगम द्वारा बनी कई दूकाने भी है वहीं यहां कयाघाट प्रगतिनगर के बाशिंदों को रोज रोज नोटिस देकर परेशानी में डाला जा रहा है। अब प्रशासन अपनी मंशा स्पष्ट करे कि वह चाहता क्या है वहीं मोहल्ले के लोगों का ये कहना कि भाजपा पार्टी से जुड़े लोगों को संरक्षण मिल रहा है जिसका भी हम विरोध करते है।आज की कार्यवाही में जिला प्रशासन ने मोहल्लेवासियों की पीड़ा को भी नहीं समझा रोती बिलखती महिलाओं के दर्द को अनदेखा कर उन्हें गिरफ्तार कर अस्थायी जेल उर्दना भेज दिया जिनके साथ ही कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भी अपनी ग्रिरफ्तारी दी जिसमें पयरव शहर कांग्रेस अध्यक्ष दीपक पांडेय,पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष,जयंत ठेठवार, जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण नगेन्द्र नेगी द्वय नगेन्द्र नेगी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शुक्ला,पूर्व विधायक प्रकाश नायक, निगम नेता प्रतिपक्ष सलीम नियरिया, जिला कांग्रेस प्रभारी महामन्त्री शाखा यादव, युवक कांग्रेस प्रदेश महासचिव राकेश पांडेय, एन एस यु आई जिला अध्यक्ष आरिफ हुसैन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण गुप्ता,यतीश गांधी,संजय देवांगन,,वसीम खान, अमृत काटजू, राजू टोप्पो,संदीप अग्रवाल,राजू चौहान,साकिब,दीपक इजारदार थे व प्रदर्शन कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष अग्रवाल, दयाराम ध्रुवे,रामलाल पटेल विकास ठेठवार,विनोद कपूर,रितेश वैद्य सत्यप्रकाश शर्मा ,संगीता गुप्ता,बरखा सिंह, रानी चौहान,संजुक्ता सिंह राजपूत,रिंकि पांडेय,वीनू बेगम,अरुणा मेश्राम सहित अन्य महिला कांग्रेस सदस्य उपस्थित थे।
कांग्रेसियों ने कहा कि आनन फानन में भले ही कुछ लोगों को आवास दिला दिया गया है लेकिन अब भी कई पीड़ित हैं जो वहां जाना नहीं चाहते कईयों के परिवार बड़ा होने की वजह से ईडब्ल्यूएस मकान उनके लिए अनुकूल न होने की वजह से नहीं जाना चाह रहे। तोड़ फोड़ के पूर्व प्रभावितों और पीड़ितों को विश्वास में भी नहीं लिया गया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने भाजपा की नीति और नीयत पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि दोहरी चाल चल कर मोहल्लेवासियों को आपस में ही लड़वाया जा रहा है।
इस तोड़फोड़ को लेकर लोगों में जबरदस्त नाराजगी दिखाई दे रही है। रायगढ़ विधायक वित्त मंत्री भले ही प्रभावितों के लिए मुआवजे का भी ऐलान किया है किंतु जिस तरह से तोड़फोड़ की जा रही है इससे सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। लोगों में इस बात का ज्यादा आक्रोश है कि मरीन ड्राइव के लिए जरूरत होने वाली जमीन के लिए विस्थापन की पहले व्यवस्था कराने के बाद तोड़फोड़ किया जाना चाहिए था।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा भीषण गर्मी के दौरान अल्प समय में नोटिस देकर तोड़फोड़ मामले में जांच कमेटी का गठन किया है। जिसमे उमेश पटेल संयोजन में बनाई गई टीम में विधायक लालजीत राठिया, उत्तरी जांगड़े विधायक सारंगढ़, विद्यावती सिदार, कविता प्राण लहरे, नेता प्रतिपक्ष शेख सलीम नियरिया, कांग्रेस जिला अध्यक्ष अनिल शुक्ला एवं ग्रामीण अध्यक्ष नागेंद्र नेगी शामिल है। जिन्हे अविलंब जांच कर कमेटी को रिपोर्ट भेजने कहा गया है।