
नए जिला कलेक्ट्रेड भवन को लेकर बढ़ी सरगर्मी.. NH43 के किनारे बनाने की मांग जोरो पर..ग्रामीणों ने दिया ज्ञापन..
अनूप बड़ेरिया
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में प्रस्तावित संयुक्त कलेक्टर कार्यालय का निर्माण कहां हो, इसको लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भरतपुर जनपद के ग्राम पंचायत जुईली की सरपंच सहित ग्रामीणों ने एक संयुक्त हस्ताक्षरित पत्र जिला कलेक्टर को सौंपते हुए मांग की है कि जिला संयुक्त कार्यालय का निर्माण वर्तमान में चयनित स्थान के बजाय राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर किया जाए।
ग्रामीणों ने अपने पत्र में कहा है कि वर्तमान में चयनित स्थल भौगोलिक दृष्टि से अनुपयुक्त और जोखिम भरा है। उक्त स्थल के बगल में 132 केवी का विद्युत सब-स्टेशन, सामने दुर्गम नदी और संकरी पुलिया स्थित है। ऐसे में वहां कार्यालय बनाने से सुरक्षा, विस्तार और नागरिकों के आवागमन में बाधा आएगी।
ग्रामीणों ने तर्क दिया कि पूर्व में चिन्हांकित स्थल—जो वर्तमान कलेक्टर कार्यालय के पीछे या डोंगरी क्षेत्र में था—वह ज्यादा सुरक्षित और खुला क्षेत्र है तथा सीधे नेशनल हाईवे से जुड़ा हुआ है। इस वजह से जिले के दूरस्थ गांवों से आने वाले नागरिकों के लिए भी यह स्थान ज्यादा सुविधाजनक होगा।
ग्राम पंचायत जुईली की सरपंच और ग्रामीणों का कहना है कि मनेंद्रगढ़ जिले के कई गांव जनकपुर, कोटाडोल, ठीस्कोली, जैसी दूरदराज की तहसीलों से 150 से 170 किलोमीटर दूर स्थित हैं। यदि कार्यालय एनएच 43 पर बनेगा तो इन क्षेत्रों के लोगों को सड़क मार्ग से आसानी होगी और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी। सरगुजा संभाग के कई जिले के कलेक्टर कार्यालय नेशनल हाईवे में ही बने हैं।
इस मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने भी एक पत्र लिखकर मांग की है , उन्होंने जिला मुख्यालय से 150 किमी दूरस्थ वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों का समर्थन करते हुए कहा कि जिला कार्यालय का निर्माण ऐसी जगह होनी चाहिए जो भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से उचित हो और नागरिकों के लिए ज्यादा उपयोगी साबित हो। उन्होंने भी साफ शब्दों में कहा कि कार्यालय का निर्माण एनएच 43 पर होना चाहिए।
ग्रामीणों ने मांग की है कि वर्तमान में चयनित स्थल को निरस्त कर पूर्व में आवंटित एवं उपयुक्त भूमि पर निर्माण कार्य किया जाए ताकि नागरिक सुरक्षा, यातायात और प्रशासनिक कार्य में कोई बाधा न आए।