
पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल..जनकपुर पुलिस पूरी तरह निष्क्रिय, आखिर कब होगी कार्यवाही ?..
“क्या राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र बैगा जनजाति भी सुरक्षित नहीं? क्या अब पत्रकारों की सुरक्षा भी मजाक बन चुकी है?”
गंभीर आरोपों पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं!
भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने MCB जिले की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पुलिस की निष्क्रियता के 4 उदाहरण देते हुए कहा कि जनकपुर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर सवालों का अम्बार लग गया है। पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि “जनकपुर पुलिस पूरी तरह निष्क्रिय हो चुकी है। अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है और पीड़ित न्याय के लिए भटक रहे हैं।”
उन्होंने कहा क्या अब राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले बैगा जनजाति भी इस सरकार में सुरक्षित नहीं? क्या पत्रकारों की सुरक्षा अब केवल मजाक बनकर रह गई है?”
पूर्व विधायक ने प्रशासनिक ढुलमुल रवैये पर नाराज़गी जताते हुए चार गंभीर मामलों की ओर इशारा किया, जिनमें आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई:
1️⃣ 5 जून 2025 — ब्रह्म सोनी और अनिल सोनी पर हमला
सराफा व्यापारियों के साथ दिनदहाड़े लूटपाट और गोलीकांड की वारदात हुई।
👉 तीन महीने बीतने को हैं, पर आरोपी अब भी फरार हैं।
2️⃣ 4 जून 2025 — बैगा समाज पर हमला
राजू गुप्ता और शनि गुप्ता द्वारा रामखेलवान बैगा की माँ के घर में घुसकर तोड़फोड़, जातिगत गालियाँ और धमकी दी गई।
👉 अब तक एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई।
3️⃣ 1 जुलाई 2025 — इंद्रबहादुर बैगा से मारपीट
मोनू पाठक द्वारा की गई जातिगत गालियाँ और मारपीट।
👉 आज तक न कोई गिरफ़्तारी, न कानूनी कदम।
4️⃣ 1 अगस्त 2025 — पत्रकार शिवम प्यासी को धमकी
पत्रकार को जान से मारने की धमकी देने का वीडियो वायरल, आरोपी मोनू पाठक फिर वही नाम।
👉 पुलिस शांत, पत्रकार असुरक्षित।
उन्होंने चेतावनी दी कि
यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो जनकपुर थाने का घेराव किया जाएगा। लोकतंत्र में यदि आम जनता, पत्रकार और आदिवासी सुरक्षित नहीं हैं, तो ये शासन नहीं, कुशासन है।”
“साय सरकार में सब आए-बाय, कानून का राज खत्म! कहां है ला_इन_ऑर्डर?”
पूर्व विधायक के इस बयान के बाद अब जनकपुर के हालात और गरमाने लगे हैं। सवाल यह है कि क्या अब भी पुलिस जागेगी या प्रशासन की चुप्पी अपराधियों को और बेखौफ बनाएगी?