
जंगल के बीच ‘पुष्पा स्टाइल’ में अवैध महुआ शराब फैक्ट्री पर छापा,..150 लीटर शराब व 3200 किलो लाहन जब्त…नए साल में आबकारी विभाग का सख्त संदेश…
लाल दास महंत कल्ला की रिपोर्ट
कोरिया/ चरचा कालरी नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही कोरिया जिले में अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध आबकारी विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब शराब माफिया नहीं,कानून चलेगा।” इसी कड़ी में मंगलवार की दरम्यानी कार्रवाई में जिले के फूलपुर ग्राम पंचायत के कुख्यात महुआ शराब माफिया के विरुद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया गया।जिला आबकारी अधिकारी रमेश अग्रवाल के स्पष्ट दिशा-निर्देशों पर आबकारी विभाग की विवेचक अधिकारी सपना सिन्हा,उपनिरीक्षक रामस्नेही मुख्य आरक्षक बबुआ राम, रामकिशन राम,आरक्षक हेमंत राजवाड़े एवं नगर सैनिक इंद कुमारी की संयुक्त टीम ने ग्राम फूलपुर स्थित राकेश उरांव के घर दबिश दी।
जंगल के बीच पूरी शराब फैक्ट्री……. आबकारी विभाग की टीम जैसे ही मौके पर पहुंची,वहां के हालात देखकर अधिकारी–कर्मचारी दंग रह गए। मुख्य मार्ग से काफी दूर,जंगल के बीच स्थित मकान के बाहर बड़े हॉल में फिल्मी अंदाज में ‘पुष्पा स्टाइल’ अवैध डिस्टिलरी संचालित हो रही थी। लगभग 10 मीटर लंबी कोयले से जलती भट्टी में एक कतार में दर्जनों मटके चढ़े थे,कई ड्रमों में लाहन भरा हुआ था और भारी मात्रा में गुड़ की पेटियां शराब निर्माण के लिए रखी गई थीं।कार्रवाई के दौरान विभाग ने 150 लीटर महुआ शराब,3200 किलो लाहन,8 चढ़ी भट्टियां एवं भरी संख्या में शराब बनाने हेतु उपयोग में ले जा रहे बर्तन जब्त किए। आबकारी विभाग के टीम ने मौके से रामवती पति–राकेश उरांव,अरविंद पिता बृजेंद्र निवासी रेडी भवना एवं अर्जुन पिता–इंद्रपाल को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क),च (2) एवं 59 क के तहत कार्रवाई की गई।
हालांकि मुख्य आरोपी राकेश उरांव मौके से फरार होने में सफल रहा।
थाने से 2 किमी दूर,आबकारी जिला कार्यालय से 7 किमी—फिर भी बेखौफ चलता अवैध कारोबार …चौंकाने वाली बात यह है कि यह अवैध फैक्ट्री चर्चा थाना से मात्र 2 किलोमीटर और जिला मुख्यालय स्थित आबकारी कार्यालय से केवल 7 किलोमीटर की दूरी पर वर्षों से संचालित हो रही थी। जानकारी के अनुसार राकेश उरांव प्रतिदिन 200 लीटर से अधिक महुआ शराब तैयार कर चर्चा कॉलरी क्षेत्र में सप्लाई करता था। प्लास्टिक पाउच में भरकर बाइक के माध्यम से दिन में कई बार शराब की आपूर्ति की जाती थी।

स्थानीय सूत्रों की मानें तो कुछ जिम्मेदारों की जानकारी और कमीशन के लालच ने इस अवैध धंधे को लंबे समय तक संरक्षण दिया, जिससे समाज में नशे का जाल फैलता चला गया।इस बड़ी कार्रवाई का स्थानीय नागरिकों,विशेषकर महिलाओं ने खुलकर स्वागत किया है। महिलाओं का कहना है कि अवैध शराब से सबसे अधिक नुकसान परिवार,बच्चों और महिलाओं को झेलना पड़ता है। घर उजड़ते हैं,हिंसा बढ़ती है और भविष्य अंधकारमय हो जाता है।

आबकारी विभाग की यह कार्रवाई न केवल माफियाओं के लिए चेतावनी है,बल्कि समाज के लिए भी संदेश है कि नशा नहीं—स्वस्थ जीवन जरूरी है।महुआ शराब के सेवन से लीवर व किडनी खराब होती है,मानसिक संतुलन बिगड़ता है घरेलू हिंसा बढ़ती हैऔर कई बार मौत तक हो जाती है।अब सवाल यही है…क्या यह कार्रवाई केवल नए साल की शुरुआत तक सीमित रहेगी,या फिर अवैध शराब के विरुद्ध यह जंग लगातार जारी रहेगी? अवैध शराब के इस कारोबार के मुख्य सरगना राकेश उरांव के प्रति वह उसे संरक्षण देने वालों के प्रति करवाई भी बहुत जरूरी जरूरी है।

कोरिया जिला आबकारी अधिकारी रमेश अग्रवाल ने कहा कि नशा के अवैध व्यापार के प्रति विभाग की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी,आम जनता से सहयोग की अपेक्षा है,अवैध नशे के कारोबार के प्रति मुझे जानकारी दें तत्काल कार्रवाई की जाएगी।




