
जूता छिपाई की रस्म ने तोड़ दी शादी..ईगो..मामला FIR तक पहुंचा…
राजस्थान के सीकर जिले से ‘अहंकार और रस्मों’ के टकराव की एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने समाज को शर्मसार कर दिया है। हंसी-ठिठोली के लिए मशहूर ‘जूता छुपाई’ की रस्म यहाँ पुलिस स्टेशन और FIR तक पहुँच गई। शनिवार की रात जहाँ खुशियों का माहौल होना चाहिए था, वहां मान-सम्मान की ऐसी जंग छिड़ी कि करीब 50 लाख रुपये का भव्य आयोजन मिट्टी में मिल गया और दूल्हा-दुल्हन ने एक-दूसरे को हमेशा के लिए ठुकरा दिया।
जानकारी के मुताबिक, विवाह के फेरे भी संपन्न हो गए थे। विदाई से पहले अंतिम रस्में चल रही थीं, तभी सालियों ने परंपरा के मुताबिक दूल्हे के जूते लौटाने के बदले 11,000 रुपये की Demand रख दी। दूल्हा पक्ष 5,100 रुपये देने पर अड़ा था, लेकिन सालियों ने मजाक में कह दिया— “11,000 मिलेंगे तभी दीदी जाएंगी।” बस यही वह Turning Point था जहाँ से हंसी-मजाक ने कड़वाहट का रूप ले लिया।
विवाद इतना बढ़ गया कि दूल्हे ने आपा खो दिया और रस्म के जवाब में उलटी Counter-Demand कर दी। उसने मौके पर ही 5 लाख रुपये कैश और Bullet Bike की मांग रख दी। देखते ही देखते बात रस्म से निकलकर दहेज (Dowry) और खानदान की प्रतिष्ठा तक पहुँच गई। माहौल इतना गरमा गया कि दुल्हन अंजू जाखड़ ने पुलिस को बुला लिया और दूल्हे के खिलाफ FIR दर्ज कराई। वहीं, दूल्हे के पिता ने भी क्रॉस-FIR करवाते हुए आरोप लगाया कि उनके बेटे को Hostage (बंधक) बना लिया गया था।
[इस घटना ने साबित कर दिया कि जब रस्में व्यापार और ईगो का हिस्सा बन जाती हैं, तो रिश्ते की नींव ढह जाती है।]
दोनों पक्षों ने इस शादी पर मिलकर लगभग 40-50 लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन एक छोटी सी जिद ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों ने सुलह की काफी कोशिश की, लेकिन दूल्हा-दुल्हन दोनों अपनी जिद पर अड़े रहे और अंततः रिश्ता खत्म हो गया।
पॉलिटिकल और सोशल एक्सपर्ट्स का मानना है कि ‘जूता छुपाई’ जैसी मजेदार रस्में प्यार और मान-सम्मान के लिए होती हैं, लेकिन जब इनमें मोलभाव (Bargaining) हावी हो जाता है, तो विवाह का मूल मकसद ही खत्म हो जाता है। सीकर की यह घटना उन सभी परिवारों के लिए एक सबक है जो रस्मों को अपनी Ego और लालच का जरिया बना लेते हैं।




