
संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 649 वीं जन्मजयंती गुरूपर्व के रूप में सम्पन्न
लाल दास महंत कल्ला की रिपोर्ट
कोरिया/संत शिरोमणि विश्व गुरु रविदास जी महराज के इन मानवता वादी विचारों को लेकर रविदास समाज जन -कल्याण सरगुजा संभाग एवं सर्व रविदास समाज (छ.ग.) के तत्वावधान में मोहित राम पैकरा जिला पंचायत अध्यक्ष कोरिया के मुख्य आतिथ्य एवं अति विशिष्ट अतिथि के रूप में अम्बिका सिंहदेव पूर्व विधायक बैकुंठपुर व संसदीय सचिव छ.ग.शासन विशिष्ट अतिथि के रूप में वंदना विजय राजवाड़े जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोरिया वेदान्ती तिवारी पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोरिया गीता राजवाड़े जिला पंचायत सदस्य संगीता सोनवानी जिला पंचायत सदस्य गायत्री सिंह नगर पंचायत अध्यक्ष पटना धर्मवती राजवाड़े जनपद सदस्य बैकुंठपुर शारदा गुप्ता तीरथ राजवाड़े बिहारी राजवाड़े विकास श्रीवास्तव भूपेंद्र सिंह रविंद्र सिंह शशिप्रकाश जायसवाल राजेन्द्र पावले संजय चिकनजूरी रुपेश सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता संभागीय अध्यक्ष शिवप्रसाद रवि कि उपस्थिती में जयंती समारोह का शुभारंभ संत शिरोमणि रविदास जी महाराज, बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर एवं भगवान बुध की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया,तत्पश्चात भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामुहिक वाचन कराया गया।
संत शिरोमणि रविदास जी की संभाग स्तरीय जयंती का उद्देश्य रविदास जी की अमृत वाणी का प्रचार प्रसार जन- जन तक पहुंचाना था जिसके तहत पहली बार रविदास समाज जन- कल्याण सरगुजा संभाग छत्तीसगढ़ द्वारा सर्व समाज को आमंत्रित कर सामाजिक असमानता, छुआछूत,अशिक्षा,नशापान एवं अन्य सामाजिक कुरीतियां पर विचार विमर्श कर निर्णय लिया गया कि हम सबको सभी भेदभाव मिटाकर एकता की स्थापना करनी होगी और भारत की एकता और अखंडता की रक्षा करने व विकसित भारत के निर्माण में तन मन धन और योग्यता लगाना होगा तभी हमारी आने वाली पीढ़ियों का चौमुखी विकास हो पायेगा।
संभागस्तरीय जयंती समारोह में सेवानिवृत्त कर्मचारीयों का सम्मान शाल और श्रीफल भेंट देकर किया गया,सांस्कृतिक कार्यक्रम के शानदार आयोजन रहा,कुछ साथियों को नये जिम्मेदारी के साथ पद भी दिया गया । सभी ने सर्व समाज द्वारा आयोजित संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती की सराहना की और भविष्य में संत महापुरुषों की जयंती सार्वजनिक रूप से मनाने की बात की क्योंकि कोई भी संत महापुरुष किसी एक जाति या समाज के लिए नहीं बल्कि पूरे मानव समाज के लिए आदरणीय है, अंततः संत महापुरुषों और शहीदों को जाति में बाटा ना जाये। कार्यक्रम में सरगुजा संभाग के सभी छ: जिलो के ग्रामीण /ब्लॉक/ जिला/ संभाग व प्रदेश पदाधिकारियों के साथ हजारों की संख्या में उपस्थिति हुए।
कार्यक्रम का सफल संचालन समाज के लोगों के द्वारा किया गया ।




