
अक्ति तिहार व माटी पूजन दिवस पर मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन, मातृ स्वरूपा धरती के संरक्षण एवं जैविक कृषि की पुनर्स्थापना करने की ली गयी शपथ..
कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्टर ने की माटी पूजा, कृषि के क्षेत्र में बेहतर काम कर रहे कृषकों और स्वसहायता समूहों को दिए प्रशस्ति पत्र
कोरिया/मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आह्वान पर अक्ति तिहार के अवसर पर जिले में माटी पूजन दिवस मनाया गया। इस मौके पर जिले के विभिन्न स्थानों में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों, कर्मचारियों, किसान साथियों सहित आमजनों के द्वारा धरती माता की पूजा की गई।
माटी पूजन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संदेश का वाचन कर कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों तथा स्व सहायता समूह की महिलाओं को माटी के महत्व एवं संरक्षण करने हेतु प्राकृतिक खेती अपनाने प्रेरित किया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष वेदांती तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति में कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शामिल होकर कलेक्टर ने माटी एवं कृषि यंत्रों की पूजा कर जिले की समृद्धि की कामना की और माटी के संरक्षण हेतु शपथ दिलाई।

ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में परम्परागत रूप से माटी पूजन की पूजा की गयी तथा धरती माता की रक्षा करने की शपथ ली गई। आयोजन में मिट्टी की उर्वरा शक्ति के पुनर्जीवन करने तथा रासायनिक खादों एवं कीटनाशकों के स्थान पर वर्मी कम्पोस्ट खाद के उपयोग के साथ गौ-मूत्र एवं अन्य जैविक पदार्थों के उपयोग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया। इस दौरान सभी स्थानों पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का संदेश वाचन किया गया। श्री बघेल ने संदेश में माटी पूजन महाभियान के द्वारा रासायनिक खाद एवं कीटनाशको की जगह जैविक एवं प्राकृतिक खाद का उपयोग कर सतत टिकाऊ खेती का विस्तार किए जाने हेतु प्रेरित किया।

इस कार्यक्रम में डॉ. डी.के. गुप्ता, अधिष्ठाता, स्व. डॉ. रामचन्द्र सिंहदेव कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, कोरिया, डॉ. के.सी. राजहंस, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केन्द्र, कोरिया, पी.एस. दीवान, उपसंचालक कृषि, डॉ. एस.के. मिश्रा, उपसंचालक, पशुपालन, एम.एस. सोनवानी, सहायक संचालक, मतस्य पालन के साथ-साथ अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित हुए। कलेक्टर द्वारा छत्तीसगढ़ प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री भुपेश बघेल, छत्तीसगढ़ शासन के संदेश को पढ़ा गया। कलेक्टर द्वारा महाअभियान के माध्यम से भूमि, जल एवं पर्यावरण सुरक्षा के लिए जैविक खेती के महत्व पर जोर दिया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कुणाल दुदावत द्वारा कृषको को रासायनिक खाद के स्थान पर जैविक खाद के उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। श्रीमती रेणुका सिंह, अध्यक्ष, जिला पंचायत, कोरिया, द्वारा अक्ती तिहार के महत्व को बताते हुए कृषको एवं प्रदेश वाशियों को बधाई दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियो के उद्बोधन के पश्चात विभिन्न विभागो के मार्गदर्शन में कार्य कर रहे स्वसहायता समूह, प्रगतिशील कृषको एवं कृषि महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र के साथ सम्मानित किया गया, साथ ही अतिथियों के कर कमलों द्वारा कृषि उपयोगी सामग्री-वर्मी कंपोस्ट, बायो फर्टीलाइजर, ट्राइकोडर्मा, सौफ की उन्नत बीज एवं चारा वाली फसलो की उन्नत बीज, फलदार एवं औषधि पौधे, मुर्गीयों के चूजे, मछली रखने के लिए आइस बॉक्स इत्यादि वितरण की गई।

कार्यक्रम के तकनीकी सत्र के दौरान डॉ. के.सी. राजहंस, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केन्द्र, कोरिया द्वारा धान के खेती के अलावा उद्यानिकी फसल आधारित जैव विवध खेती विषय पर तकनीकी जानकारी प्रदाय किया गया। डॉ. डी.के. गुप्ता, अधिष्ठाता, स्व. डॉ. रामचन्द्र सिंहदेव कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, कोरिया द्वारा जैविक खेती की विधि एवं महत्व पर प्रकाश डाला गया। डॉ. पी.एस. दीवान, उपसंचालक कृषि द्वारा कृषि विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में किसानों को विस्तार से बताया गया। डॉ. एस.के. मिश्रा, उपसंचालक, पशुपालन द्वारा हो रहे विभिन्न विभागीय योजनाओं से किसानों को अवगत कराया गया। मतस्य पालन विभाग के सहायक संचालक, एम.एस. सोनवानी, द्वारा मतस्य पालन विभाग में चल रहे विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों के बारे में कृषको को बताया गया।



