
रेत उत्खनन के विरोध में ग्रामीणों ने किया जल सत्याग्रह आंदोलन सत्ता बदली पर जारी है रेत की तस्करी
रेत उत्खनन के विरोध में ग्रामीणों ने किया जल सत्याग्रह आंदोलन
सत्ता बदली पर जारी है रेत की तस्करी
राजनीतिक रसूखदारों के खिलाफ बेबस प्रशासन

लाश वही है कफ़न बदल गया का इससे अच्छा उदाहरण और क्या हो सकता है कि छग राज्य मे शासन व सत्ता बदल जाने के बाद भी वनांचल विकासखंड भरतपुर जनकपुर के ग्राम पंचायत हरचोका मे बहने वाली सरहदी जीवनदायिनी मवई नदी से रेत का अवैध उत्खनन व तस्करी बदस्तूर जारी है।
इसी उत्खनन के विरोध मे बुधवार को कोरिया जिला पंचायत सदस्य रविशंकर सिंह कंवर के नेतृत्व मे ग्राम हरचोका, घुघरी, घोरधरा के आधा सैकड़ा महिलाओं व ग्रामीणों ने मवई नदी मे एकत्रित होकर जल सत्याग्रह आन्दोलन करते हुए एसडीएम के नाम तहसीलदार भरतपुर मनमोहन प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंप जीवनदायिनी मवई नदी से रेत का अवैध उत्खनन कर मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश मे ले जाकर बिक्रीे करने पर रोक लगाने की मांग किए हैं।

कांग्रेस सरकार आते ही बन्द रहा 6 माह खनन
उल्लेखनीय है कि वर्ष भर पूर्व भाजपा शासन काल मे कोरिया जिले का दूरस्थ वनांचल विकासखंड भरतपुर जनकपुर क्षेत्र मे बहने वाली मुख्य जीवन दायिनी बनास नदी, ओदारी नदी, नेउर नदी, मवई नदी, सिंघौर नदी को लीज मे देकर मशीनो के द्वारा दिन रात रेत का उत्खनन कर राज्य के बाहर ले जाने का ग्रामीणों द्वारा विरोध किया जा रहा था, राज्य मे आचार संहिता लगने व शासन सत्ता बदल जाने के बाद लगभग छः माह तक क्षेत्र से रेत का उत्खनन बंद हो गया था। वनांचल क्षेत्र के जीवन दायिनी नदियों से रेत का कारोबार बंद होने से क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस लेते हुए जगह जगह राज्य की कांग्रेस सरकार की सराहना करते हुए नहीं थक रहे थे।





