
पुराने वीडियो को नया बताकर राजनीतिक साजिश! पूर्व विधायक डॉ. विनय जायसवाल ने दर्ज कराई शिकायत, कहा- “सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं”
अनूप बड़ेरिया
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे कथित बर्थडे सेलिब्रेशन वीडियो को लेकर पूर्व विधायक डॉ. विनय जायसवाल ने बड़ा बयान जारी करते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र और छवि धूमिल करने की साजिश बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जिस वीडियो को वर्तमान का बताकर प्रचारित किया जा रहा है, वह वर्ष 2021 का पुराना वीडियो है, जिसे जानबूझकर भ्रामक तरीके से वायरल किया जा रहा है।
डॉ. विनय जायसवाल ने कहा कि 29 अप्रैल 2026 को वे अपने परिवार के साथ शिरडी में मौजूद थे, जिसका प्रमाण भी उनके पास उपलब्ध है। इसके बावजूद कुछ लोग राजनीतिक द्वेष और जनसमर्थन से घबराकर पुराने वीडियो को नया बताकर भ्रम फैलाने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति हमेशा सेवा, पारदर्शिता और जनता के विश्वास पर आधारित रही है, न कि फर्जी प्रचार और दुष्प्रचार पर।

इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉ. जायसवाल ने चिरमिरी थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपकर भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट सहित अन्य कानूनी धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा वर्ष 2025 में सार्वजनिक स्थानों पर सड़क पर केक काटने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, जबकि वायरल वीडियो उस अवधि से पहले का बताया जा रहा है।
सोशल मीडिया में वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कुछ लोगों ने कानून सभी के लिए समान होने की बात कहते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई है। वहीं डॉ. जायसवाल समर्थकों का कहना है कि यह पूरी तरह से राजनीतिक साजिश है और जनता सब समझती है।
डॉ. विनय जायसवाल ने अपने शुभचिंतकों और आम जनता से अपील करते हुए कहा कि वे ऐसे भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण प्रचार से सावधान रहें तथा किसी भी जानकारी को बिना सत्यापन के साझा न करें।
उन्होंने अपने बयान के अंत में लिखा —
“सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।”




