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छूट के साथ लॉक डाउन समय की मांग… हर वर्ग हलाकान … नियमों का हो कड़ाई से पालन … कोविड 19 नियम के साथ व्यापारिक गतिविधि शुरू हो – चेंबर ऑफ कॉमर्स प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील रामदास और टेक्स में राहत नहीं छूट मिले ….पढ़े पूरी खबर

 

रायगढ़।
संपूर्ण लॉक डाउन से अब समस्या विकराल रूप धारण करते जा रही है। आम जनता, छोटे कामगार, मजदूर, व्यापारी जैसे तमाम ऐसे मध्यम वर्गीय कारोबारियों की कमर टूट रही है या यूं कहें एक बड़े वर्ग की संपूर्ण लॉक डाउन से एक बड़े वर्ग की कमर टूट चुकी है। व्यापारियों को इससे खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है खास तौर पर छोटे मझोले स्तर के कारोबारी टूट चुके है। इसे देखते हुए चेम्बर ऑफ कॉमर्स से प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील रामदास ने कलेक्टर से आग्रह के साथ निवेदन किया है कि लॉक डाउन के साथ अब व्यापारिक गतिविधियों में भी छूट समय की मांग हो गई है।
प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील रामदास के द्वारा सर्व वर्ग के हितों का ध्यान रखते हुए कलेक्टर से निवेदन किया है कि व्यवसायिक गतिविधियों में कुछ छूट के साथ लॉक डाउन लगाया जाना चाहिए। उन्होनें कहा कि सम्पूर्ण लॉक डाउन से आम जनता के साथ व्यपारियों की क़मर टूट गई है। अब समय की मांग है कि कुछ छूट के साथ लॉक डाउन लगाया जाए तो इससे लोगो मे राहत की किरण जगेगी। छोटे बड़े सभी तरह के व्यापारी संपूर्ण लॉक डाउन की वजह से कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। छूट के दौरान कोविड 19 के नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए तो स्थिति और परिस्थितियां दोनों बदल सकती हैं।
छूट के दौरान आम जनता को भी संक्रमण की भयावतः को समझना होगा और संक्रमण से बचने कोविड गाइड लाइन का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि व्यवसायिक गतिविधियों में छूट के दौरान निगम व पुलिस प्रशासन कोविड 19 के नियमों का कड़ाई से पालन कराए। सम्पूर्ण लॉक डाउन से व्यापारियों की कमर टूट चुकी है।

मोहलत नहीं व्यपारियों को टैक्स में मिले छुट
चेम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील रामदास ने व्यापारियों को टैक्स में मोहलत नहीं छूट की मांग की है। लॉक डाउन की वजह से व्यापारियों की कमर टूट गई है। खासतौर पर छोटे मझोले व्यापारियों की हालत सबसे ज्यादा खराब हो चुकी है। शासन द्वारा व्यापारियों को मोहलत देने की बात कही है जो वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए उचित प्रतीत नहीं होता है। व्यापारियों को मुश्किल की घड़ी में राहत पैकेज की जरूरत है न कि मोहलत पैकेज की। सरकार व्यापारियों को राहत भरा पैकेज दें। कोरोना काल में बैंक लोन के ब्याज में कटौती करनी चाहिए जीएसटी व अन्य टेक्स में छूट दी जानी चाहिए न कि अवधि बढ़ाया जाना चाहिए बिजली के बिल में फिक्स चार्ज की माफी होनी चाहिए। मध्यम व छोटे व्यापारी रीढ़ की हड्डी होते हैं लॉक डाउन की वजह से ये कर्ज के बोझ तले दब चुके हैं। इन्हें राहत पैकेज देकर सरकार अपना सरकार धर्म निभाये।

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