
“‘काम कर देंगे’ नहीं, ‘काम हो गया है’ सुनना चाहती हूं” : कलेक्टर रोक्तिमा यादव का सख्त संदेश 5 घंटे की मैराथन समीक्षा बैठक में अधिकारियों की लगाई क्लास, लापरवाही पर चेतावनी—फील्ड में उतरकर करें काम, नहीं तो होगी कार्रवाई
कोरिया, 3 जून 2026। जिला पंचायत के मंथन सभाकक्ष में बुधवार को आयोजित विभागवार समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ शब्दों में कहा कि अब केवल आश्वासन और वादों का दौर खत्म होना चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि उन्हें “काम कर देंगे” या “हो जाएगा” जैसे जवाब नहीं चाहिए, बल्कि “काम हो रहा है” और “काम हो गया है” जैसी वास्तविक प्रगति दिखाई देनी चाहिए।
करीब पांच घंटे तक चली इस मैराथन समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ग्रामीण यांत्रिकी, समाज कल्याण और जिला योजना एवं सांख्यिकी विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा की गई। कई मामलों में अधिकारियों के जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए जवाबदेही तय करने के संकेत दिए।
पीएम आवास में सुस्ती पर फटकार
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और पीएम जनमन योजना की समीक्षा के दौरान अपूर्ण आवासों की बड़ी संख्या सामने आने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि गलत आंकड़े या गोलमोल जवाब देकर प्रशासन को भ्रमित करने की कोशिश बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन हितग्राहियों ने आवास राशि का दुरुपयोग किया है, उनके खिलाफ तत्काल वसूली और नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
“सरकार वेतन फाइलें देखने के लिए नहीं देती”
बैठक के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि केवल कार्यालय में बैठकर काम चलाने की प्रवृत्ति अब नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी गांवों और कार्यस्थलों पर पहुंचकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचें, प्रगति देखें और समयसीमा में कार्य पूर्ण कराएं। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की है।
मनरेगा कार्यों की होगी जमीनी जांच
मनरेगा के तहत स्वीकृत आजीविका डबरी निर्माण कार्यों में धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने कहा कि वे स्वयं मौके पर पहुंचकर कार्यों की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता का निरीक्षण करेंगी। अधूरे और शुरू नहीं हुए कार्यों को लेकर भी जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए।
शौचालय निर्माण में लापरवाही पर सख्त नाराजगी
व्यक्तिगत और सामुदायिक शौचालय निर्माण की बेहद धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जो कार्य 15 से 20 दिनों में पूरे हो सकते हैं, वे महीनों तक लंबित क्यों हैं? उन्होंने चेतावनी दी कि समयसीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का करेंगी निरीक्षण
मझगंवा और लटमा में संचालित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने स्व-सहायता समूहों को हो रहे लाभ और यूनिट की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जल्द ही स्वयं निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगी।
“नौकरी गंभीरता से करें, कामचोरी छोड़ें”
बैठक के समापन पर कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी पूरी तैयारी के साथ बैठकों में आएं और उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों का शत-प्रतिशत निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कामचोरी, लापरवाही और शिकायतों को बढ़ावा देने वाली कार्यप्रणाली किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
एक माह बाद फिर से समीक्षा बैठक आयोजित कर विभागों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




