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गरीबों के आशियाने उजाड़कर नहीं चाहिए विधायक आवास, वैकल्पिक सरकारी भूमि पर बने कॉलोनी – इस विधायक का सरकार पर सीधा प्रहार…कहा – जनता के सिर से छत छीनने नहीं, अधिकारों की रक्षा के लिए चुना है… मुख्यमंत्री को लिखे चिट्ठी ने राजनीतिक और नैतिक सवाल खड़ा कर दिया … मचा बवाल

शमशाद अहमद/-

रायपुर के नकटी गांव में विधायक आवास कॉलोनी निर्माण के लिए गरीब परिवारों के मकान तोड़े जाने की कार्रवाई को लेकर सरायपाली विधायक चातुरी डिग्रीलाल नंद खुलकर बेघर हुए परिवारों के समर्थन में उतर आई हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखे पत्र में उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि गरीबों के आशियाने उजाड़कर हमें विधायक आवास नहीं चाहिए। विधायक आवास के लिए सरकार के पास अन्य उपयुक्त और पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध है, जहां सर्वसुविधायुक्त विधायक कॉलोनी विकसित की जा सकती है।

विधायक चातुरी नंद ने अपने पत्र में कहा कि रायपुर जिले के नकटी गांव में विधायक आवास कॉलोनी के नाम पर लगभग 85 गरीब परिवारों के घरों को बरसात के ठीक पहले जल्दबाजी में ध्वस्त किए जाने की घटना बेहद पीड़ादायक, अमानवीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लिखा कि जिन परिवारों ने वर्षों की मेहनत से अपना छोटा-सा आशियाना बनाया था, वे आज बेघर होकर जीवन-यापन करने को मजबूर हो गए हैं।

उन्होंने एक जनप्रतिनिधि होने के नाते स्पष्ट किया कि गरीबों का घर उजाड़कर जनप्रतिनिधियों के लिए आवास बनाना न तो न्यायसंगत है और न ही मानवीय संवेदनाओं के अनुरूप। उन्होंने कहा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए चुना है, न कि उनके सिर से छत छीनकर अपने लिए सुविधाएं खड़ी करने के लिए।

अपने पत्र में विधायक ने इस पूरी कार्रवाई का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि वे नकटी गांव के सभी पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि मुझे गरीबों के घर उजाड़कर विधायक आवास नहीं चाहिए।

चातुरी नंद ने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया कि यदि विधायक आवास कॉलोनी का निर्माण आवश्यक है तो नवा रायपुर में सैकड़ों एकड़ सरकारी रिक्त भूमि उपलब्ध है, जहां आधुनिक और सुव्यवस्थित विधायक कॉलोनी विकसित की जा सकती है। इससे किसी गरीब परिवार को बेघर होने की पीड़ा नहीं झेलनी पड़ेगी।

विधायक ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि नकटी गांव में चल रही इस अमानवीय कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं उचित मुआवजे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा विधायक आवास कॉलोनी के लिए नवा रायपुर अथवा किसी अन्य उपयुक्त सरकारी भूमि का चयन किया जाए।

पत्र के अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री से संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए गरीब परिवारों के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
चातुरी नंद का यह पत्र ऐसे समय सामने आया है जब नकटी गांव में विधायक आवास परियोजना को लेकर सरकार की कार्रवाई लगातार सवालों के घेरे में है। ऐसे में सत्ता पक्ष के बजाय एक विधायक का खुले तौर पर यह कहना कि गरीबों के आशियाने उजाड़कर नहीं चाहिए विधायक आवास पूरे घटनाक्रम पर बड़ा राजनीतिक और नैतिक सवाल खड़ा करता है।

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