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एनटीपीसी प्रभावित पीड़ित स्थाई नौकरी की मांग को लेकर आमरण अनशन के 10 दिन पूरे ……अब तक कई पहुंचे अस्पताल …..इधर आमरण अनशन लगातार जारी …. अब किसी ने नहीं लिया सुध

 

रायगढ़।

जिले के एनटीपीसी प्रभावितों में से शेष बचे परिवार के सदस्यों को नौकरी नहीं मिलने से और प्रबन्धन की वही अड़ियल रवैये से प्रभावितों का पिछले 10 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। प्रभावितों को कुछ न कुछ तकनीकी पेंच फंसा कर नौकरी से वंचित कर दिया जा रहा है।


प्रभावित अनशनकारियों का साफ़ कहना।है कि अब तक सभी को नौकरी मिल जाना चाहिए था और सभी के सभी योग्य पात्रधारी हैं लेकिन प्रबन्धन की ओर से जानबूझ कर प्रभावितों को परेशान किया जा रहा है। पूर्व में जारी विज्ञापन के अनुसार 20 स्थानीय प्रभावित परिवार से ही नियुक्ति की जानी थी लेकिन प्रबन्धन द्वारा बाहरी लोगों को प्राथमिकता दे कर नियुक्ति कर दी गई और पात्र प्रभावितों को नौकरी देने से मना कर दिया गया जिसकी वजह से उन्हें इस तरह आमरण अनशन के लिए मजबूर होना पड़ा। अब तक प्रभावितों के 10 दिनों के आमरण अनशन में कइयों की स्थिति गंभीर भी हो जाने के बाद भी आमरण अनशन से नही कतरा रहे हैं। अनशन स्थल पर आज भी 4 अनशनकारियों के तबियत बिगड़ने की खबर आई। प्रभावितों के आमरण अनशन को लेकर फिलहाल एनटीपीसी प्रबन्धन की ओर से कोई प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिला है । फिलहाल प्रभावित अनशन कारी पीछे हटने को तैयार नहीं है प्रभावितों में से हरिकृष्ण और कौशिक गुप्ता का कहना है कि विकास में उनकी भी भागीदारी है आज अगर जमीन नहीं गई होती तो कम से कम वे लोग खेती कर फसल उगाकर किसानी कर जीवकोपार्जन तो कर सकते थे एनटीपीसी में स्थाई नौकरी उनका अधिकार बनता है और नियमानुसार अब तक बहुत पहले उनका अधिकार मिल जाना चाहिए था।

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