
तमनार में शांतिपूर्ण आंदोलन में हिंसा की चिंगारी आखिर कैसे भड़की …. सामाजिक कार्यकर्ता सहित ग्रामीणों के हिरासत में लेने के बाद भी नहीं नहीं हुई …. भारी वाहन की चपेट में ग्रामीण के आने के बाद ऐसा क्या हुआ चिंगारी भड़की आग में…जिला कांग्रेस कमेटी ने पुलिसिया कार्रवाई पर उठाया सवाल……घटना की निष्पक्ष जांच की मांग
रायगढ़।
तमनार ब्लॉक के गारे पेलमा सेक्टर-1 में प्रस्तावित कोल परियोजना की कथित फर्जी जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग को लेकर बीते कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा ग्रामीण आंदोलन सोमवार को अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। बताया जा रहा है कि जाम खुलवाने के दौरान हड़बड़ी में भागते एक भारी वाहन की चपेट में एक ग्रामीण आ गया, जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई और देखते ही देखते हिंसक झड़प हो गई।
धरना स्थल CHP चौक पर पिछले करीब 14 दिनों से चल रहे शांतिपूर्वक आंदोलन के दौरान अचानक पुलिस की धमक ने पूरा माहौल बदल दिया। पुलिस के बलपूर्वक कार्रवाई के दौरान भी ग्रामीण बोलते रहे वो मन हमन ला उकसात हे लेकिन हमन का लड़े बर नई है। लेकिन इसी दौरान जाम को खुलवाने की कोशिश की गई जिस तरह से शनिवार को धरना स्थल पर भारी पुलिस बल की तैनाती में पुलिसिया कार्रवाई शुरू हुई सामाजिक कार्यकर्ता सहित करीब 50/60 ग्रामीणों को हिरासत में भी ले लिया गया फिर भी कोई अप्रिय घटना नहीं घटी लेकिन जैसे ही जाम खुलवाने की कोशिश हुई और भारी वाहनों का रेलम पेल शुरू ही होने वाला था कि एक दुर्घटना घटित हो गई और पुलिस प्रशासन का पूरा खेल बिगड़ गया। और वो चिंगारी कैसे भड़की की झड़प बड़ी आगजनी की घटना तक पहुंच गई और व्यापक क्षति भी हुई। इस घटना में एक पुलिस अधिकारी सहित कई जवानों के घायल होने की सूचना है। उल्लेखनीय है कि यह आंदोलन पिछले कई दिनों से पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, ऐसे में अचानक हिंसा कैसे भड़की यह अब एक गंभीर सवाल बन गया है।
घटना के बाद जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष शाखा यादव एवं ग्रामीण अध्यक्ष नागेंद्र नेगी ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गारे पेलमा कोल ब्लॉक को लेकर ग्रामीण अपनी जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संवैधानिक तरीके से आंदोलन कर रहे थे, लेकिन प्रशासन द्वारा जल्दबाजी और दबाव की नीति अपनाए जाने से हालात बिगड़े।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच भारी वाहनों की आवाजाही और जाम हटाने की जल्दबाजी ने एक बड़ी दुर्घटना को जन्म दिया, जिसके बाद पुलिस बल के अत्यधिक प्रयोग से स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बिना हालात को संभाले कार्रवाई करने से भय और अफरा- तफरी का माहौल बना।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि गारे पेलमा सेक्टर-1 की जनसुनवाई को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए, घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए साथ ही हिंसक घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की गई है।
जिला कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया है कि पार्टी आगे भी ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और जल-जंगल-जमीन की लड़ाई को हर लोकतांत्रिक मंच पर उठाया जाएगा। साथ ही तमनार क्षेत्र के लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी उकसावे में न आने की अपील की गई है।




