
महिला आरक्षण पर कांग्रेस का हमला भाजपा की मंशा पर सवाल परिसीमन के बहाने टाल रही लागू करना…..कांग्रेस की प्रेस वार्ता… कहा महिला आरक्षण का नहीं…. परिसीमन बिल का विरोध… भाजपा पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप …यदि ऐसा नहीं तो फिर इस आधार पर लागूं क्यों नहीं किया आरोप ….
रायगढ़।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ने सोमवार को कांग्रेस भवन में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह वास्तव में महिला आरक्षण लागू करने की इच्छुक नहीं है, बल्कि परिसीमन के नाम पर इसे टाल रही है और इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है।
प्रेस वार्ता को जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी और शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शाखा यादव ने संबोधित किया। इस दौरान पार्टी के अन्य पदाधिकारी और प्रवक्ता भी उपस्थित रहे।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण की प्रबल समर्थक रही है, लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार जिस तरीके से इसे परिसीमन से जोड़ रही है, वह महिलाओं को वास्तविक लाभ देने में बाधा बन रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चाहती तो बिना परिसीमन के भी वर्तमान सीटों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जा सकता था।
प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” कानून बनने के बावजूद इसे 2036 तक लागू करने की बात कही जा रही है, जो यह दर्शाता है कि भाजपा इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा जानबूझकर परिसीमन का मुद्दा जोड़कर महिला आरक्षण को आगे खिसकाना चाहती है।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर यह भी आरोप लगाया कि वह देशभर में यह भ्रम फैला रही है कि विपक्षी दल महिला आरक्षण के खिलाफ हैं, जबकि वास्तविकता इसके उलट है। कांग्रेस ने दोहराया कि उसका विरोध केवल परिसीमन विधेयक से है न कि महिला आरक्षण से। भाजपा के परिसीमन बिल का देश अन्य राज्यों को आपत्ति थी । जिला अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि पंचायतों एवं निकायों में जो महिलाओं केके आरक्षण मिल रहा है कांग्रेस की नीति से संभव हुआ है और उन्होंने कहा कि निकाय और पंचायतों में महिला आरक्षण बिल राजीव गांधी ने 1989 में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था जिसका आज निकाय और पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिल रहा है। दरअसल सीटों के परिसीमन का भाजपा का षड्यंत्र विफल हो गया और इससे भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर पूरे देश में भ्रम फैला रही है।
प्रेस वार्ता में नेताओं ने कहा कि भाजपा आगामी चुनावों को देखते हुए महिला आरक्षण के मुद्दे को सहानुभूति बटोरने के लिए इस्तेमाल कर रही है। भाजपा की मंशा महिला आरक्षण की नहीं अपने मन मुताबिक सीटों के परिसीमन की थी जो विपक्षी दलों की एक जुटता से पूरा नहीं हो सका। सरकार 2023 के महिला आरक्षण बिल नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन कर महिला आरक्षण को तुरंत लागू कर सकती थी परंतु भाजपा ने ऐसा नहीं किया।




