
नाबालिगों के वाहन चलाने पर अब सख्ती, माता-पिता पर लगेगा 25 हजार तक जुर्माना
30 जुलाई से 14 अगस्त तक चला जनजागरूकता अभियान, 16 अगस्त से मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश
अनूप बड़ेरिया
बैकुंठपुर। नाबालिग बच्चों द्वारा दोपहिया अथवा अन्य मोटर वाहन चलाने की बढ़ती प्रवृत्ति और इससे होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस एवं यातायात विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज की ओर से जारी निर्देशों के आधार पर जिले में नाबालिगों के वाहन चलाने पर रोक लगाने के साथ उनके माता-पिता एवं अभिभावकों को भी कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी पत्र के अनुसार 30 जुलाई 2026 से 14 अगस्त 2026 तक स्कूलों, कोचिंग संस्थानों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास जिला स्तर पर विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के माध्यम से अभिभावकों और नागरिकों को समझाया गया कि कम उम्र के बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति देना उनके जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि नाबालिग द्वारा वाहन चलाए जाने पर मोटरयान अधिनियम की धारा 199-ए के तहत माता-पिता अथवा वाहन स्वामी पर 25 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसके साथ ही संबंधित वाहन का पंजीयन निरस्त किए जाने तथा नाबालिग के संबंध में नियमानुसार अन्य कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी बताया गया है।
पुलिस विभाग ने अभिभावकों को यह भी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं कि कम उम्र के बच्चों को वाहन सौंपने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। नाबालिग द्वारा दुर्घटना किए जाने की स्थिति में बीमा संबंधी लाभ भी प्रभावित हो सकता है।
हेलमेट के बिना दोपहिया चलाना भी निशाने पर
जारी दस्तावेजों में दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता पर भी जोर दिया गया है। परिवहन विभाग द्वारा नवीन दोपहिया वाहन की बिक्री के साथ हेलमेट उपलब्ध कराने तथा सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के संबंध में पूर्व में जारी निर्देशों का पालन कराने के लिए पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज के निर्देशानुसार 16 अगस्त 2026 से नाबालिगों द्वारा वाहन चलाए जाने के मामलों में विशेष अभियान के तहत मोटरयान अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने तथा कार्रवाई की जानकारी प्रतिदिन जिला स्तर से भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में मोटर वाहन चलाने की अनुमति न दें। जागरूकता और कानून का पालन ही नाबालिगों को सड़क दुर्घटनाओं से बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।




