
माँ रमदईया धाम में गूंजा बाल विवाह के खिलाफ संकल्प, श्रद्धालुओं ने ली बाल अधिकारों की रक्षा की शपथ
लाल दास महंत कल्ला की रिपोर्ट
कोरिया। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के पूर्ण उन्मूलन और बाल अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से शनिवार, 22 अगस्त 2026 को माँ रमदईया धाम में विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन’ परियोजना एवं संस्था ‘हार्ड’ (H.A.R.D.) के तत्वावधान में ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
बैकुंठपुर के प्रसिद्ध आस्था केंद्र माँ रमदईया धाम में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच संस्था की टीम ने बाल विवाह के दुष्परिणामों, बाल अधिकारों तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। साथ ही सरकार की बाल संरक्षण नीतियों और संकट की स्थिति में उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन माँ रमदईया धाम के प्रमुख सेवक सुनील सिंह के नेतृत्व तथा ‘हार्ड’ संस्था के जिला समन्वयक गोकरण शुक्ला के समन्वय में किया गया। इस दौरान लोगों को पुलिस सहायता के लिए 100/112, महिला हेल्पलाइन 1090 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की उपयोगिता और आवश्यकता के बारे में विस्तार से बताया गया।

श्रद्धालुओं ने लिया बाल विवाह मुक्त भारत का संकल्प
कार्यक्रम के समापन अवसर पर माँ रमदईया धाम के प्रमुख प्रबंधक सुनील सिंह ने अभियान की सराहना करते हुए बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। इसके बाद धाम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने और देश को बाल विवाह मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की सामूहिक शपथ ली।
धार्मिक स्थल पर आयोजित इस जागरूकता अभियान को स्थानीय स्तर पर सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के कार्यकर्ता नरेश कुमार एवं जितेंद्र यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




