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नियमों को ताक पर रखने वाले रायगढ़ के 5 उद्योगों पर श्रम न्यायालय का बड़ा हंटर लगा भारी-भरकम जुर्माना…औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की जांच में खुली थी लापरवाही की पोल…. अदालत ने आर्थिक दण्ड देकर सिखाया सबक

 

 

रायगढ़। औद्योगिक सुरक्षा और श्रमिकों के स्वास्थ्य के प्रति घोर लापरवाही बरतने वाले कारखानों के खिलाफ रायगढ़ में एक बड़ी दण्डात्मक कार्रवाई सामने आई है। नियमों को ताक पर रखकर संचालन करने वाले जिले के 5 प्रमुख उद्योगों पर श्रम न्यायालय रायगढ़ ने भारी-भरकम जुर्माना लगाया है।

कार्यालय उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सम्भाग रायगढ़ के उप संचालक राहुल पटेल ने बताया कि विभाग द्वारा रायगढ़ जिले में स्थापित विभिन्न कारखानों में घटित दुर्घटनाओं के बाद सुरक्षा मानकों की सघन जांच एवं निरीक्षण किया गया था। इस दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों में व्यापक स्तर पर नियमों के उल्लंघन और गंभीर खामियां पाई गई थीं। सुरक्षा मानकों की इस अनदेखी को लेकर विभाग द्वारा कारखाना अधिनियम, 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली, 1962 तथा भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के अंतर्गत 5 अलग-अलग कारखानों के विरुद्ध श्रम न्यायालय रायगढ़ में आपराधिक प्रकरण दायर किए गए थे, जिनका निराकरण करते हुए न्यायालय ने सभी दोषियों पर कड़ा अर्थदण्ड अधिरोपित किया है।

अदालती आदेश के तहत सबसे बड़ी गाज तराईमाल स्थित मेसर्स सिंघल स्टील एण्ड पावर लिमिटेड पर गिरी है। इस प्लांट में सुरक्षा और कार्य घंटों से जुड़े कई नियमों को एक साथ तोड़ा गया था, जहाँ कारखाना अधिनियम की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन पर न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए कारखाने के अधिभोगी श्री विनय कुमार शर्मा और प्रबंधक जी. के. मिश्रा दोनों पर क्रमशः एक-एक लाख रुपये कुल दो लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है।

ग्राम नटवरपुर स्थित मेसर्स मां मंगला इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में भी श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की गंभीर अनदेखी पाए जाने पर वहाँ के अधिभोगी श्री हर्षवर्धन गर्ग को दोषी ठहराते हुए श्रम न्यायालय ने 1,00,000/- रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।

इसके साथ ग्राम देलारी स्थित मेसर्स गुरुश्री इण्डस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के अधिभोगी व कारखाना प्रबंधक मुकेश बंसल को भी अनिवार्य सुरक्षा नियमों की अवहेलना का दोषी पाते हुए न्यायालय द्वारा 1,00,000/- रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

वहीं ग्राम सहदेवपाली स्थित मेसर्स सावित्री राईस मिल में भी तय सुरक्षा मानकों की बड़ी लापरवाही उजागर हुई थी, जिसके चलते मिल के अधिभोगी व प्रबंधक श्री सूर्यकांत अग्रवाल पर न्यायालय ने 1,00,000/- रुपये का जुर्माना ठोंका है।
कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था में कमी से जुड़े एक अन्य मामले में ग्राम व पोस्ट सराईपाली स्थित मेसर्स नवदुर्गा फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड के अधिभोगी व कारखाना प्रबंधक प्रकाश बेहरा को छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली के नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया, जिस पर न्यायालय ने उन पर 25,000/- रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है। विभाग ने इस कार्रवाई के माध्यम से जिले के सभी उद्योग संचालकों को कड़ा संदेश दिया है कि श्रमिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले संस्थानों पर आगे और भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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