
कोरिया के लाल ने बढ़ाया जिले का मान: ज्योतिषाचार्य आलोक तिवारी को मिली मानद पीएचडी की उपाधि, अब कहलाएंगे ‘डॉ. आलोक तिवारी’
ग्राम रनई के शासकीय विद्यालय से पढ़ाई कर देश-विदेश में बनाई पहचान, निःशुल्क ज्योतिष शिक्षा भी दे रहे हैं
अनूप बड़ेरिया
कोरिया।
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के ग्राम रनई के लिए गर्व का क्षण है। गांव के निवासी एवं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. आलोक तिवारी (मनीष) को ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्र के क्षेत्र में उनके विशेष अनुभव, शोध एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate/मानद पीएचडी) की उपाधि से सम्मानित किया गया है। इस उपलब्धि के बाद वे अब “डॉ. आलोक तिवारी” के नाम से जाने जाएंगे।
डॉ. आलोक तिवारी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्राम रनई के शासकीय विद्यालय से प्राप्त की। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने अपने ज्ञान, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर ज्योतिष एवं वास्तु के क्षेत्र में ऐसी पहचान बनाई कि आज उनकी ख्याति केवल भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुंच चुकी है। उनकी यह उपलब्धि पूरे कोरिया जिले एवं क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बन गई है।
डॉ. आलोक तिवारी ने बताया कि वे अपने “Alok Tiwari ASTROLOGER” यूट्यूब चैनल के माध्यम से ज्योतिष शास्त्र की निःशुल्क शिक्षा भी प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति ज्योतिष सीखने के इच्छुक हैं, वे उनके चैनल से जुड़कर बिना किसी शुल्क के अध्ययन कर सकते हैं।

इस अवसर पर उनके मामा राम सुशील पाण्डेय ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनके परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे ग्राम रनई और क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि आलोक बचपन से ही मेहनती, अनुशासित और दृढ़ निश्चयी रहे हैं। आज उनकी वर्षों की मेहनत रंग लाई है और उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त हुई है।
वहीं उनके बचपन के मित्र शशि प्रकाश जायसवाल ने कहा कि वे आलोक तिवारी को बचपन से जानते हैं। उनका कहना है कि आलोक जिस कार्य को हाथ में लेते हैं, उसे पूरी लगन और समर्पण के साथ पूरा करते हैं। उनकी मेहनत और समर्पण का ही परिणाम है कि आज वे “डॉ. आलोक तिवारी” के रूप में सम्मानित हुए हैं। उन्होंने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
डॉ. आलोक तिवारी की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। ग्रामीणों, शुभचिंतकों एवं उनके समर्थकों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे कोरिया जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।




