
भारत की विदेश नीति पर शोध कर डॉ. नीलम मिश्रा ने हासिल की पीएचडी, 7 वर्षों की मेहनत रंग लाई
‘बदलते परिदृश्य में भारत की विदेश नीति का अध्ययन’ विषय पर शोध को विशेषज्ञों ने बताया प्रासंगिक और उपयोगी
लाल दास महंत कल्ला की रिपोर्ट
कोरिया/पटना। ग्राम खैरी पटना निवासी एवं संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा (अंबिकापुर) की शोधार्थी डॉ. नीलम मिश्रा ने “बदलते परिदृश्य में भारत की विदेश नीति का अध्ययन” विषय पर अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि से क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और उन्हें लगातार बधाइयाँ मिल रही हैं।
डॉ. नीलम मिश्रा का शोध कार्य शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर में संपन्न हुआ। यह शोध शासकीय रेवती रमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सूरजपुर के राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं अध्ययन बोर्ड अध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार द्विवेदी के कुशल निर्देशन में पूरा हुआ।
विगत 10 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में अतिथि व्याख्याता के रूप में सेवाएँ दे रहीं डॉ. नीलम मिश्रा ने शासकीय हाई स्कूल झरनापारा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुंडेली तथा शासकीय हाई स्कूल सावांरावां में अध्यापन किया है। वर्तमान में वे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टेंगनी में अपनी सेवाएँ दे रही हैं।
उन्होंने वर्ष 2019 में प्री-पीएचडी प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की, वर्ष 2021-22 में कोर्स वर्क पूरा किया तथा वर्ष 2023 में शोध विषय का पंजीयन कराया। लगभग सात वर्षों की सतत मेहनत और शोध प्रक्रिया के बाद वर्ष 2026 में अंतिम मौखिक परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न होने पर उन्हें पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। अंतिम मौखिक परीक्षा में बाह्य परीक्षक के रूप में डॉ. हरि सिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर की राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अनुपम शर्मा शामिल रहीं, जिन्होंने शोध को अत्यंत उपयोगी एवं समसामयिक बताया।

अपने शोध में डॉ. नीलम मिश्रा ने वर्ष 2014 के बाद भारत की विदेश नीति में आए बदलावों, वैश्विक कूटनीति में भारत की बढ़ती भूमिका, पड़ोसी देशों के साथ संबंधों, रणनीतिक साझेदारियों, आर्थिक एवं सुरक्षा नीति तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सक्रिय भागीदारी का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया है।
पीएचडी की सफलता पर डॉ. नीलम मिश्रा ने अपने माता-पिता, सास-ससुर, परिवार, गुरुजनों तथा संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शारदा प्रसाद त्रिपाठी, शोध समन्वयक डॉ. पीयूष पांडेय, शोध केंद्र की प्राचार्य डॉ. एजेन टोप्पो, प्राचार्य डॉ. एच.एन. दुबे, जिला शिक्षा अधिकारी कोरिया जितेंद्र गुप्ता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टेंगनी के प्राचार्य शिव शंकर कुशवाहा, विद्यालयीन स्टाफ, विद्यार्थियों तथा प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि डॉ. नीलम मिश्रा ग्राम खैरी पटना निवासी सेवानिवृत्त व्याख्याता आचार्य रामावतार मिश्र की पुत्रवधू तथा “ट्रैफिक मैन” के नाम से प्रसिद्ध राष्ट्रपति पदक प्राप्त डॉ. महेश मिश्रा की धर्मपत्नी हैं। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के वरिष्ठजनों, शिक्षकों, सहकर्मियों, मित्रों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं।




