
गरीबों के हक की नहीं, कांग्रेस के पुराने पापों की सफाई हो रही है …पेंशन, राशनकार्ड और बिजली बिल के मुद्दे पर कांग्रेस के आरोपों को बताया भ्रामक…. बोले वरिष्ठ भाजपा नेता विकास केडिया पारदर्शिता से असली जरूरतमंदों तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ
रायगढ़। गरीबों की उपेक्षा और पूंजीपतियों पर मेहरबानी के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेर रही कांग्रेस पर भाजपा जिला महामंत्री विकास केडिया ने पलटवार किया है। जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष शाखा यादव के आरोपों को हताशा और अज्ञानता का परिणाम बताते हुए केडिया ने कहा कि भाजपा राज में गरीबों को परेशान नहीं किया जा रहा, बल्कि कांग्रेस के 60 साल के शासन में पैदा हुई अव्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष को नकारात्मक मानसिकता का दल बताते हुए कहा कि झूठे ज्ञापन और घेराव की राजनीति से जनता को गुमराह नहीं किया जा सकता।
पेंशन से राशन तक, सरकार के फैसलों का किया बचाव
विकास केडिया ने पेंशन की राशि और भुगतान में देरी को लेकर कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में बुजुर्गों को पेंशन के लिए महीनों भटकना पड़ता था। भाजपा सरकार ने पेंशन की राशि बढ़ाई है और डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में भुगतान किया जा रहा है। कहीं तकनीकी कारणों से देरी होती है तो उसका उद्देश्य लाभार्थियों का सत्यापन करना है, ताकि फर्जी नामों पर राशि जारी न हो।
बीपीएल कार्ड से अपात्र लोगों को हटाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पात्रता के मापदंड तय करना पारदर्शिता की दिशा में कदम है। कांग्रेस के शासनकाल में प्रभावशाली लोगों के बीपीएल सूची में शामिल होने के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था का उद्देश्य वास्तविक जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। यदि कोई पात्र परिवार सर्वे में छूट गया है तो उसके पुनः सर्वे और समीक्षा का प्रावधान है।
इलाज और बिजली बिल पर भी कांग्रेस को घेरा
आयुष्मान भारत और शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजना का उल्लेख करते हुए केडिया ने कहा कि पात्रता के अनुसार जरूरतमंदों को उपचार की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कांग्रेस पर स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
बिजली बिल के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार 50 प्रतिशत बिजली बिल हाफ योजना जारी रखे हुए है। वहीं, उद्योगपतियों के कर्ज माफी को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि बड़े कॉरपोरेट कर्जों के मामले पिछली यूपीए सरकार के कार्यकाल से जुड़े हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बैंकों की राशि की वसूली के प्रयास किए गए हैं।
ऑनलाइन व्यवस्था से बिचौलियों पर लगाम का दावा
राशनकार्ड बनाने की प्रक्रिया को जटिल बताए जाने पर केडिया ने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था से महतारी वंदन, प्रधानमंत्री आवास और राशन सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया आसान हुई है। उनके मुताबिक, पहले स्थानीय स्तर पर सिफारिशों और बिचौलियों की भूमिका प्रभावी रहती थी, जिसे कम करने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने विधायक और मंत्रियों के स्वेच्छानुदान का बचाव करते हुए कहा कि विष्णुदेव साय सरकार और रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी जरूरतमंदों को बिजली बिल, इलाज और बेटियों की शादी जैसे कार्यों के लिए सहायता दे रहे हैं। केडिया ने कहा कि विकास का अर्थ केवल सड़क और भवन बनाना नहीं, बल्कि गरीब को पेंशन, राशन, बिजली और इलाज उपलब्ध कराना भी है। गरीबों का अधिकार सरकार का एहसान नहीं, बल्कि भाजपा का संकल्प है।




